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Amar Ujala Prathama Samman: अग्रिम पंक्ति में खड़ी नारी शक्ति को मिला प्रथमा सम्मान, 26 महिलाएं सम्मानित

Mon, 22 May 2023 10:57 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

महिलाओं ने सम्मान पाकर अमर उजाला परिवार का आभार जताया। इस दौरान महिला बॉडी बिल्डर प्रतिभा थपलियाल, कैब ड्राइवर इमराना, अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी नीरजा गोयल को भी सम्मानित किया गया।
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अमर उजाला प्रथमा सम्मान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला और देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय की ओर से समाज को नई दिशा देने वाली 26 महिलाओं को प्रथमा 2023 सम्मान दिया गया। इनमें विश्वविद्यालय की कुलपति, एम्स की डायरेक्टर, प्रोफेसर, डॉक्टर, फिल्म अभिनेत्री, वैज्ञानिक, समाज सेवी, पर्यावरणविद्, खिलाड़ी, महिला उद्यमी से लेकर पहली महिला कैब ड्राइवर तक शामिल थीं। एक भव्य कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण और महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने महिलाओं को सम्मान देते हुए कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है। ये महिलाएं न केवल समाज को अपना बहुमूल्य योगदान दे रही हैं, बल्कि हजारों लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा भी बन रही हैं।

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देवभूमि विश्वविद्यालय में आयोजित प्रथमा सम्मान समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं सम्मान की पात्र हैं। महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं को ऐसे कार्य करने चाहिए, जिससे हर कोई उनके जैसा बनना चाहे। वहीं महिलाओं ने सम्मान पाकर अमर उजाला परिवार का आभार जताया।

इस दौरान महिला बॉडी बिल्डर प्रतिभा थपलियाल, कैब ड्राइवर इमराना, अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी नीरजा गोयल को भी सम्मानित किया गया। प्रतिभा थपलियाल का नाम आते ही परिसर में मौजूद छात्र जोरदार तालियां बजाने लगे। सम्मान लेने आईं प्रतिभा ने इस दौरान मंच से अपनी कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में देवभूमि विश्वविद्यालय के छात्रों ने नृत्य प्रस्तुति भी दी।
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अमर उजाला परिवार की ओर से संपादक दयाशंकर शुक्ल सागर और महाप्रबंधक डीडी जोशी ने सभी अतिथियों का आभार जताते हुए सम्मानित हुई महिलाओं को बधाई दी। वहीं, देवभूमि विश्वविद्यालय के प्रो. चांसलर अमन बंसल व कुलपति प्रीति कोठियाल को सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन आरबीएस डेवलपर, निलाया हाइट्स व निलाया हिल्स, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और ट्रीट मिल्क रस्क व नमकीन के सहयोग से किया गया।

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जन्म के साथ ही शुरू हो जाती हैं चुनौतियां : कुलपति
दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि पश्चिम ने महिलाओं को ‘सैकंड सैक्स’ का दर्जा दिया है। फ्रैंच लेखिका सिमोन द बोउआर ने तो ‘द सैकंड सैक्स’ नाम की किताब ही लिख डाली। जिसे दुनियाभर की फैमिनिस्ट बाइबल मानती हैं। पूरा फैमिनिस्ट आंदोलन इसी के इर्द-गिर्द चला है। लेकिन, भारत में महिलाओं को प्रथमा कहा। अमर उजाला ने इसी परंपरा को निभाते हुए प्रथमा पुरस्कार की शुरुआत की है। हमारा स्त्री विमर्श स्त्री-पुरुष में समानता देखता है। पौराणिक साहित्य में अर्द्ध नारीश्वर की परिकल्पना की गई है। यानी स्त्री और पुरुष बराबर हैं।

जब लेबर रूम में बंटेगी मिठाई, तब मानो आ गया बदलाव : डाॅ. मीनू सिंह
एम्स ऋषिकेश की सीईओ डाॅ. मीनू सिंह ने कहा कि अब दौर बदल गया है। पहले बेटियां सिर्फ डाॅक्टरी क्षेत्र में जाती थीं लेकिन अब कोई भी फील्ड बेटियों से बचा नहीं है। लेकिन, अभी भी हम उतना आगे नहीं जा सके हैं। कहा कि जिस दिन बेटियों के पैदा होने पर अस्पतालों के लेबर रूम में मिठाई बंटने लगेगी, उस दिन यह माना जाएगा कि बदलाव आ चुका है।

फिल्म इंडस्ट्री में आज भी महिलाओं को करना पड़ता है संघर्ष : आरुषि निशंक
अभिनेत्री आरुषि निशंक ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में अभी भी महिलाओं को संघर्ष करना पड़ता है। फिल्मों में नायिका की अपेक्षा नायकों को अधिक तरजीह दी जाती है। हालांकि, इन चुनौतियों में ही हल भी छुपा हुआ है। जिसे पहचानने की आवश्यकता है।

पहाड़ की बेटियां रोशन कर रहीं नाम: अनुकृति
पूर्व मिस इंडिया ग्रैंड इंटरनेशनल अनुकृति गुसाईं ने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्यों से बेटियों का मिस इंडिया या अन्य प्रतियोगिताओं में जाना सपना होता था। अब प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में नाम कमा रही हैं।

बच्चों को बनाएं संस्कारवान : कुसुम कंडवाल
महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि महिलाएं तभी कामयाब बनेंगी, जब वह सबसे पहले अपना और परिवार का ध्यान रखेंगी। तभी वह समाज के लिए भी कुछ कर पाएंगी। बच्चों को संस्कारवान बनाना बहुत जरूरी है। तभी समाज में बदलाव आ सकता है।

बेटियां लक्ष्य करें निर्धारित : वैज्ञानिक डॉ. वंदिता
इसरो में वैज्ञानिक डाॅ. वंदिता श्रीवास्तव ने कहा कि बेटियों को अपना लक्ष्य निर्धारित करने की जरूरत है। कोई भी लक्ष्य जुनून से बड़ा नहीं है। कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहां पर महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा नहीं मनवाया है।

पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती है महिला : डॉ. गीता खन्ना
बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास की नीति पर सबसे अधिक चलने वाली तो महिला है। सदियों से महिला घर, परिवार, नाते-रिश्तों के साथ बाहरी कार्यों में पति का हाथ बंटाती रही है। अभी भी महिलाएं प्रोफेशनल बनने के बाद भी अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटी हैं।
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