रोडवेजकर्मी मान सिंह पुत्र परशुराम दो साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। उनके पीएफ-पेंशन का पैसा मंडलीय प्रबंधक कार्यालय के पीएफ काउंटर से गलती से दूसरे कर्मी मान सिंह पुत्र हरशिराम के खाते में भेज दिया गया। इसके बाद मान सिंह दो साल से परिवहन निगम के चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी समस्या नहीं सुनी। इस कारण मान सिंह को पेंशन भी नहीं मिल रही थी। वे लंबे समय से अस्वस्थ हैं और परिवार के पास इलाज तक के पैसे नहीं थे।
ईपीएफओ कार्यालय से जानकारी मिली है कि एरियर की एक लाख 15 हजार रुपये की राशि जारी कर दी गई है। एक दिन में बैंक खाते में राशि आ जाएगी। साथ ही पेंशन भी जारी होगी। मैं अमर उजाला का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने दो साल पुरानी समस्या का समाधान कराया। मेरे पास इलाज तक के पैसे नहीं थे। ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त ने निजी मोबाइल नंबर भी दिया और लगातार संपर्क में बने रहे।
- मान सिंह, सेवानिवृत्त रोडवेजकर्मी
मान सिंह की समस्या का समाधान कर दिया गया है। उन्हें जल्द पेंशन भी मिलनी शुरू हो जाएगी। यह बेहद जटिल मामला था। अब परिवहन निगम को गलत कर्मी को भेजी राशि की रिकवरी के लिए पत्र भेजा जाएगा। हमारा यही प्रयास रहता है कि सभी को जल्द से जल्द लाभ पहुंचाया जा सके।
- मनोज कुमार यादव, क्षेत्रीय आयुक्त, ईपीएफओ