अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित सबसे बड़ा दिव्यांग सहायता और स्वास्थ्य जांच शिविर कई मायूस चेहरों पर मुस्कान लाने में कामयाब रहा।
शिविर में एलिम्को की टीम ने दिव्यांगों के लिए जरूरी कृत्रिम अंगों की नाप-जोख की। अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित सबसे बड़े दिव्यांग सहायता और स्वास्थ्य जांच शिविर में करीब 500 लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई।
श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर उपयोगी परामर्श और दवा दी। मरीजों ने शिविर आयोजन के लिए अमर उजाला फाउंडेशन और श्री महंत इंदिरेश अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया।
रविवार को सचिव स्वास्थ्य डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने शिविर का शुभारंभ करने के बाद श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के डॉक्टरों से भी बातचीत की।
मेडिसिन विभाग के डॉ. राजेश पंडिता, नेत्र रोग विभाग की डा. हर्षिका चावला, मनोरोग विभाग की डॉ. मंदाकिनी, त्वचा रोग विभाग की डॉ. शिवांगी, ईएनटी विभाग की डॉ. सोनम, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. मोनिका चौहान और दंत रोग विभाग की डॉ. दिशा व कलम सिंह ने मरीजों की जांच की।
करीब 500 मरीजों ने शिविर के लिए पंजीकरण कराया। बड़ी संख्या में दिव्यांगों ने भी अपने स्वास्थ्य की निशुल्क जांच कर दवाईयां प्राप्त की।
अस्पताल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि शिविर में दंत रोग, ईएनटी और आंखों की समस्या से संबंधित सबसे ज्यादा मरीज पहुंचे। इसके अलावा मनोरोग, मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग और त्वचा रोग के मरीजों ने भी अपने स्वास्थ्य की जांच कराई।