फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़क पर की गई गलती सुधारी नहीं जा सकती

Sat, 27 Feb 2016 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस पाठशाला में बच्चों को यातायात नियमों का ज्ञान कराया गया। यातायात पुलिस का कहना था कि सड़क पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से होने वाले हादसों में गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता है।
विज्ञापन


छात्र-छात्राओं ने नियमों पर सवाल-जवाब अपनी जानकारी में इजाफा किया। बच्चों ने संकल्प लिया कि वो खुद तो नियमों का पालन करेंगे ही और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

एफआरआई स्थित केंद्रीय विद्यालय में पुलिस पाठशाला में छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों ने भी व्यक्तिगत रुचि दिखाई। ट्रैफिक इंस्पेक्टर रविकांत सेमवाल ने छात्र-छात्राओं को 18 वर्ष की उम्र से पहले वाहन न चलाने, तीन सवारी न चलने, मोबाइल का प्रयोग न करने, वन-वे का उल्लंघन न करने और लालबत्ती को जंप न करने के लिए कहा।
विज्ञापन


उन्होंने नियमों के उल्लंघन से शहर क्षेत्र में हुए हादसों के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति ईमानदारी से नियमों का पालन करे तो हादसे का आंकड़ा स्वत: ही नीचे आ जाएगा। विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल सुनील कुमार जोशी ने कहा कि पाठशाला के माध्यम से बच्चों के ज्ञान में बढ़ोत्तरी हुई है।

शिक्षिका कमला सावंत के संचालन में हुई पाठशाला में योग टीचर रुचि थपलियाल, किरण नैनवाल, बीना बैंजवाल, श्रव्या सकलानी, रानी कदीर, अनुपमा चंदोला, एके काला, आशा मेहता, सीपीयू के दारोगा महेश ढौंढियाल और सिपाही अनुराग कौशल मौजूद रहे।

कार्रवाई में पक्षपात क्यों
हाईस्कूल के छात्र देवांश ने चालान की कार्रवाई में पक्षपात पर सवाल उठाए। उदाहरण देकर बताया कि सिपाही के बेटे को परिचित होने की वजह से बिना कार्रवाई के छोड़ दिया। जबकि वह नियमों का उल्लंघन करते हुए रोका गया था। यह कहां तक उचित है।

छात्रा आस्था का कहना था कि पुलिस खुद ट्रैफिक नियमों को लेकर क्यों गंभीर नहीं है। कई बार वो खुद उल्लंघन करते हैं। पुलिस को पहले इसकी पहल करनी चाहिए।  छात्रा योगिता का कहना था कि कार्रवाई से ज्यादा जागरूकता की जरूरत है, क्योंकि काफी लोग अभी भी नियमों से परिचित नहीं हैं।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें