आसन झील सहित प्रदेेश में चिह्नित की गई करीब एक हजार आर्द्र भूमि या वेटलैंड को भी संवारने की तैयारी है। पर्यावरण निदेशालय ने इसके लिए अब नीति बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस नीति में वेटलैंड के संरक्षण के नियम होंगे। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इन्हें पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।
आर्द्र भूमि जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। यह ऐसी जलीय भूमि हैं जिसका अपना पारिस्थितिकीय तंत्र होता है। जलीय जीवों से लेकर अन्य वन्यजीव और पेड़ पौधे भी यहां मौजूद होते हैं। प्रदेश में करीब एक हजार वेटलैंड चिह्नित भी किए गए हैं। अब नव गठित पर्यावरण निदेशालय ने आद्र भूमि के संरक्षण और इनको पर्यटन से जोड़ने पर काम करना शुरू कर दिया है।
निदेशालय के मुताबिक प्रदेश में जलीय या आर्द्र भूमि कई नदियों के पानी का भी स्रोत है। इस वजह से पर्यावरण संरक्षण में आर्द्र भूमि को बचाए रखने पर सबसे अधिक जोर दिया जा रहा है। निदेशालय के अध्यक्ष डा. एसपी सुबुद्धि ने इसकी पुष्टि की है।
निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक वेटलैंड की इनवेंट्री पहले बनाई गई थी। अब इस इंवेंट्री को और अधिक व्यापक किया जाएगा। आसन झील को रामसर साइट का दर्जा मिलने के बाद निदेशालय के स्तर से इस काम को और अधिक बढ़ाया जा रहा है।
वेटलैंड : खूबसूरती में बेमिसाल, विदेशी पक्षियों की भी सैरगाह
देहरादून। आसन झील की सैर करने वाले जानते हैं कि वेटलैंड कितनी विविधता लिए हुए हैं। मुख्य वन संरक्षक मनोज चंद्रन ने हाल ही में आसन वेटलैंड क्षेत्र में जंगली चावल की प्रजाति भी खोज निकाली थी। इसी तरह यहां विदेशी पक्षियों का भी जमावड़ा लगता है। इसी को निदेशालय पर्यटन के रूप में यूएसपी मान रहा है। पर्यटन को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि वेटलैंड के पारिस्थितिकी को कोई नुकसान न पहुंचे। आर्द्र भूमि में कितनी विविधता है इसको इस बात से भी समझा जा सकता है कि टिहरी झील भी अब वेटलैंड की श्रेणी में है।
राज्य में वेटलैंड-994
2.25 हेक्टेयर से छोटे वेटलैंड-816
2.25 हेक्टेयर से बड़े वेटलैंड-178
कुल क्षेत्र-1.03 लाख हेक्टेयर
इस साल मिली आसन झील को रामसर साइट की मान्यता
प्रदेश के वेटलैंड के लिए इस साल का सबसे बड़ा तोहफा आसन झील को रामसर साइट घोषित किया जाना भी रहा। जुलाई में यह घोषणा की गई थी। इससे आसन झील अब अंतर्राष्ट्रीय महत्व का वैटलैंड बन गया है। 4.44 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस वेटलैंड पर मुहर 2004 में लगाई गई है। इसी तरह प्रदेश में महत्वपूर्ण एक अन्य वेटलैंड झिलमिल हैं।
प्रदेश में गठित है प्राधिकरण
केंद्र सरकार ने वेटलैंड के नए नियम वर्ष 2017 में जारी किए थे। इसके बाद प्रदेश में वन मंत्री की अध्यक्षता में उत्तराखंड राज्य आर्द्र भूमि प्राधिकरण का गठन भी किया जा चुका है।