उत्तराखंड जल्द ही आर्गेनिक घी तैयार कर बाजार में उतारेगा। प्रदेश सरकार आंचल ब्रांड के नाम से आर्गेनिक घी की मार्केटिंग करेगी। इसके दुग्ध विकास विभाग ने दुग्ध उत्पादक किसानों को चिन्हित किया जा रहा है। ऊधमसिंह नगर जिले के प्रतापनगर में एक दुग्ध समिति को आर्गेनिक प्रमाणीकरण मिल चुका है। आर्गेनिक घी के बाजार में दोगुने दाम मिलने से दुग्ध उत्पादकों की आमदनी पड़ेगी।
प्रदेश में डेरी व्यवसाय रोजगार का एक बड़ा माध्यम से है। सरकार की ओर से भी दुग्ध उत्पादन में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला कर रियायतें दी जा रही है। सरकार ने प्रदेश में उत्पादित दूध की मार्केटिंग के लिए आंचल ब्रांड तैयार है।
दुग्ध समितियों के माध्यम से किसानों से रोजाना दूध एकत्रित कर उसे बाजार में बेचा जाता है। दूध के अलावा अब आर्गेनिक घी भी तैयार किया जाएगा। ऊधमसिंह नगर जिले के प्रतापनगर में एक दुग्ध समिति को 50 दुधारू गाय खरीदने के लिए दुग्ध विकास विभाग की ओर से राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम से ऋण उपलब्ध कराया गया।
समिति की ओर से उत्पादित दूध को आर्गेनिक सर्टिफिकेशन प्रमाण पत्र मिल गया है। रुद्रप्रयाग जिला पहले से ही सरकार जैविक घोषित किया है। इस जिले में स्थापित दुग्ध समितियों से जुड़े किसानों को आर्गेनिक प्रमाणीकरण के लिए चयनित किया जा रहा है।
आंचल ब्रांड के नाम से जल्द ही उपभोक्ताओं को आर्गेनिक घी उपलब्ध होगा। इसके लिए रुद्रप्रयाग समेत अन्य जिलों में दुग्ध उत्पादकों को आर्गेनिक सर्टिफिकेशन दिलाने के लिए प्रक्रिया चल रही है। आर्गेनिक घी का बाजार में दोगुने दाम मिलेंगे। अभी तक आंचल घी 550 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। आर्गेनिक घी के 1200 रुपये तक दाम मिलेंगे।
- जयदीप अरोड़ा, संयुक्त निदेशक, दुग्ध विकास विभाग
प्रदेश में 4164 दुग्ध समितियां
दुग्ध विकास के अधीन 4164 दुग्ध समितियां है। जिनमें 157891 सदस्य हैं। इन समितियों सदस्यों के माध्यम से प्रतिदिन दो लाख लीटर दूध एकत्रित किया जाता है। इसमें 1.60 लाख लीटर की बिक्री आंचल ब्रांड के नाम से की जाती है।