प्रदेश में औद्यानिकी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को फल व सब्जियों की नई प्रजाति और तकनीक उपलब्ध कराने के लिए सरकार चौबटिया में प्रदेश का पहला शोध निदेशालय स्थापित करेगी। सरकार का मानना है कि किसानों को सेब समेत अन्य तमाम बागवानी और सब्जी फसलों की उन्नत प्रजातियों उपलब्ध कराने से उत्पादन बढ़ने से किसानों को आमदनी भी बढ़ेगी।
प्रदेश में औद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार अलग से शोध निदेशालय खोलने जा रही है। रानीखेत स्थित उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशालय में यह रिसर्च निदेशालय स्थापित किया जाएगा। अभी तक प्रदेश में इस तरह का शोध निदेशालय नहीं है।
सरकार कहना है कि शोध निदेशालय में सेब समेत अन्य फलों की नई प्रजातियां, फसलों पर लगने वाली बीमारियों पर शोध किया जाएगा। इससे किसानों को जहां उन्नत प्रजातियों पैदावार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक की जानकारी व प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
रानीखेत के चौबटिया में औद्यानिकी व सब्जी फसलों के लिए रिसर्च निदेशालय स्थापित किया जाएगा। इसके लिए सरकार योजना बना रही है। रिसर्च निदेशालय के माध्यम से प्रदेश में औद्यानिकी फसलों की पैदावार बढ़ेगी और इससे किसानों को आमदनी भी बढ़ेगी।
-सुबोध उनियाल, कृषि एवं उद्यान मंत्री
साढ़े चार लाख किसान बागबानी और सब्जी उत्पादन से जुड़े
प्रदेश में औद्यानिकी के तहत लगभग तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल है। 4.50 लाख किसान बागवानी व सब्जी फसलों की पैदावार करते हैं। प्रदेश में फलों का उत्पादन 6.64 लाख मीट्रिक टन, सब्जी का 6.30 लाख मीट्रिक टन, मसालों का 93624 मीट्रिक टन उत्पादन होता है।