पहाड़ के जिला मुख्यालयों और छोटे शहरों में ट्रैफिक सिग्नल लगे हुए हैं, लेकिन कई जगह इनकी और भी जरूरत महसूस की जा रही थी। निदेशक ने बताया कि अब पहाड़ी शहरों में ट्रैफिक सिग्नल जल्द लगवाए जाएंगे, ताकि यहां समय रहते यातायात स्थिति बिगड़ने से पहले संभाला जा सके।
सीसीटीवी कैमरों का भी होगा रखरखाव
इस बजट से चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का रखरखाव भी किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक ज्यादातर जगहों पर सीसीटीवी कैमरों के लिए कोई अलग से बजट न होने के कारण इनके मेंटेनेंस में भी वक्त लगता था, लेकिन इस बजट के आने के बाद पुलिस की यह दुश्वारी भी दूर हो जाएगी।
खराब हैं कारगी चौक के ट्रैफिक सिग्नल
दून शहर में भी लगभग 30 जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हुए हैं। पहले ये नगर निगम और एमडीडीए के अंतर्गत आती थी, लेकिन अब ज्यादातर जगहों पर स्मार्ट सिटी के तहत सिग्नल लाइटें लगाई गई हैं।
हालांकि, अब भी कई ऐसी जगहें हैं, जिनके जिम्मेदार अभी पुराने विभाग ही हैं। इनमें कारगी चौक भी प्रमुख है। यहां ट्रैफिक सिग्नल की लाइट काफी समय से खराब है। शहर का व्यस्ततम चौराहा होने के चलते यहां लोगों को जाम और बेतरतीब यातायात का सामना करना पड़ता है।