इसके बाद लगभग 600 विद्यार्थी जयपुर शिफ्ट हो गए और 150 छात्र-छात्राएं श्रीनगर रह गए। मौजूदा समय में बीटेक प्रथम, एमटेक और पीएचडी के छात्र श्रीनगर में पढ़ाई कर रहे हैं। शेष कक्षाएं जयपुर में संचालित हो रही हैं।
एनआईटी के निदेशक प्रो. श्याम लाल सोनी ने बताया कि जयपुर से एक बैच निकलने वाला है। श्रीनगर से एक बैच पास आउट कर चुका है। इसके बाद जयपुर में लगभग 400 छात्र-छात्राएं रह जाएंगे। श्रीनगर में अभी 100 छात्र-छात्राएं हैं। अगले सत्र में 100 छात्र-छात्राओं का प्रवेश होगा। इस लिहाज से 600 छात्र-छात्राओं के लायक व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अगले सत्र से श्रीनगर में ही सभी कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया है। रेशम विभाग की जमीन पर अस्थायी भवनों का निर्माण होना है, जहां कक्षा कक्ष और हॉस्टल बनाए जाएंगे।