पहाड़ों में बद्री नस्ल की गाय होती है लेकिन जर्सी व साहीवाल नस्ल की तुलना में बद्री गाय की दूध देने की क्षमता बहुत ही कम होती है। बद्री गाय एक दिन में डेढ़ से दो लीटर की दूध देती है। इस दूध की गुणवत्ता सबसे उच्च मानी जाती है। जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। दूध में पाचन क्षमता अधिक है। पेट से संबंधित बीमारियों दूध का सेवन लाभदायक होता है।
1300 रुपये किलो बिक रहा घी
बद्री गाय के दूध से तैयार घी बाजार में 1300 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि दूध का मूल्य प्रति किलो 36 से 37 रुपये किलो तक है।
दूरस्थ क्षेत्रों के दुग्ध उत्पादकों की आमदनी बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से चार ग्रोथ सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन सेंटरों के माध्यम से बद्री गाय के दूध, घी, पनीर की ब्रांडिंग व मार्केटिंग की जा रही है। अभी तक ग्रोथ सेंटरों से दूध, घी व पनीर को निजी कंपनी को बेचा जा रहा है। जल्द ही इसकी मार्केटिंग आंचल ब्रांड के नाम से की जाएगी।
- जयदीप अरोड़ा, संयुक्त निदेशक, दुग्ध विकास विभाग