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एक्सक्लूसिव : केदारनाथ से 16 किमी ऊपर हिमालय की तलहटी पर मिला साफ पानी से लबालब पैया ताल

Sun, 25 Oct 2020 01:30 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal विनय बहुगुणा, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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पैया ताल - फोटो : अमर उजाला
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केदारनाथ से 16 किमी ऊपर दूध गंगा घाटी में हिमालय की तलहटी पर साफ पानी से लबालब पैया ताल आज भी पर्यटकों की नजरों से ओझल है। ताल में पड़ रही मेरू-सुमेरू पर्वत श्रृंखला की छाया इसकी खूबसूरती को और भी बड़ा रही है। एक पखवाड़ा पूर्व जिले के दो युवक पहली बार यहां पहुंचे हैं। इससे पहले गरूड़चट्टी में रह रहे बाबा ही ताल तक पहुंचे थे। 

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पर्वत, जल धाराओं और कुंडों की पावन भूमि केदारनाथ से वासुकीताल होते हुए पैया ताल पहुंचा जाता है। भू-वैज्ञानिकों ने भी इस ताल को नया बताया है। एक पखवाड़ा पूर्व जिले के दो युवक संदीप कोहली और तनुज रावत अपने दो साथियों के साथ केदारनाथ गए थे। वहां से ये लोग वासुकीताल पहुंचे, जहां उन्हें बलराम दास मिले। जो वहां एक गुफा में साधना कर रहे थे। 

यूं तो बाबा बीते पांच वर्ष से गरूड़चट्टी में रह रहे हैं, लेकिन वर्षभर में कुछ समय वे यहां साधना के लिए आते हैं।

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यह मजबूत ताल है

बाबा ने युवाओं को जानकारी दी कि दूध गंगा घाटी में एक भव्य ताल है, जिसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। लगभग तीन वर्ष पूर्व वे पहली बार पैंया ताल गए थे। इसके बाद संदीप व तनुज वासुकीताल से 7 किमी. दूरी तय कर लगभग दो घंटे में पैया ताल पहुंचे।

ताल के चारों तरफ व रास्ते में ब्रह्मकमल, फेन कमल व अन्य कई प्रजाति के फूल खिले हुए थे। इधर, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कवर ने बताया कि पैंया ताल के बारे में जानकारी नहीं हैं। जल्द ही ताल का भ्रमण कर पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। 

गूगल मैप में पैंया ताल नाम से केदारनाथ क्षेत्र में कोई ताल नहीं दिख रहा है, लेकिन चित्रों में जो ताल दिखाई दे रहा है वह केदारनाथ के ऊपर दूध गंगा घाटी में स्थित लग रहा है। जो समुद्रतल से लगभग साढ़े चार से पांच हजार मीटर की ऊंचाई पर है। यह मजबूत ताल है और इसमें पिघली बर्फ का पानी है, जो साफ है। 
- डा. डीपी डोभाल, भू-वैज्ञानिक वाडिया संस्थान, देहरादून
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