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रक्तदान महादान: 114 महादानियों ने रक्तदान कर निभायी इंसानियत की परंपरा 

Wed, 02 Oct 2019 08:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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रक्तदान - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय रक्तदान दिवस के मौके पर रेडक्रॉस सोसाइटी, श्री महंत इंदिरेश अस्पताल ब्लड बैंक और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मसूरी इंटरनेशनल स्कूल, महालेखाकार कार्यालय गढ़ी कैंट व प्रेमनगर स्थित श्री रांझा गुरुद्वारा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविरों में कुल 114 रक्तदाताओं ने रक्तदान कर इंसानियत की परंपरा निभायी। शिविराें में युवाओं, महिलाओं, छात्र-छात्राओं, सामाजिक संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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इसके अलावा कई ऐसे लोग भी शिविर में पहुंचे जो कतिपय स्वास्थ्य कारणों के चलते रक्तदान नहीं कर पाएं। ऐसे सभी रक्तदाताओं ने भविष्य में रक्तदान कर संकल्प लिया। इस मौके पर वक्ताओं ने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि रक्त की कमी से किसी मरीज की जान न जाए। इसके लिए अमर उजाला फाउंडेशन जो भी कार्य कर रहा है, उसकी जितनी सराहना की जाए कम है।

रक्तदान व किडनी जैसे अंगों की कमी से किसी गंभीर मरीज की जिंदगी न जाएं, इसके लिए समाज में रक्तदान और अंगदान को लेकर सोच विकसित करने की जरूरत है। खून के अभाव में किसी की मौत न हो, इसके लिए ब्लड बैंकों तक आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों की पहुंच सुनिश्चित की जाए। 
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ये बातें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर सीएम आवास में आयोजित रक्तदान शिविर में कहीं। रक्तदान शिविर का आयोजन स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल व उत्तराखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति की ओर से किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हर साल औसतन 80 हजार यूनिट ब्लड की आवश्यकता होती है। इसके एवज में एक लाख यूनिट रक्तदान हर साल एकत्र किया जा रहा है। इस लिहाज से हम रक्तदान में सरप्लस स्टेट हैं। 

इस मौके पर मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है, महादान है। उन्होंने लोगों से रक्तदान के साथ ही अपनी दैनिक जीवनचर्या से प्लास्टिक का दान भी करने का आह्वान किया। इस मौके पर एम्स ऋषिकेश की डॉ. गीता नेगी ने सुरक्षित रक्तदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 

मसूरी इंटरनेशनल स्कूल में 52 रक्तदाताओं ने किया रक्तदान 

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के सहयोग से आयोजित शिविर में 52 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। रक्तदान को लेकर छात्र छात्राओं की भारी भीड़ उमड़ी। शिविर में कई ऐसे युवा थे जो कतिपय कारणों के चलते रक्तदान नहीं कर पाए। ऐसे में उन्होंने दोबारा रक्तदान का संकल्प लिया। रक्तदान शिविर में समन्वयक अमित चंद्रा, डॉ. दीपाली, राजेश कुकरेती, सचिन सेमवाल, धीर सिंह , प्रमोद, विपिन, प्रधानाचार्या मीता शर्मा, कर्नल अशोक कुमार शर्मा, देवेंद्र खरोला, जेके दास, रघुवीर सिंह नेगी, अभिलाषा तिवारी, दीपा जायसवाल, सौरभ अग्रवाल समेत कई उपस्थित थे।

महालेखाकार कार्यालय शिविर में 50 यूनिट रक्तदान
रेडक्रॉस सोसाइटी, स्टेट हीमोग्लोबिनोपैथी एवं ब्लड सेल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व अमर उजाला फाउंडेेशन के सहयोग से महालेखाकार कार्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 50 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में आईईसी कोआर्डिनेटर पार्वती पांडे ने थैलीसीमिया बीमारी के बारे में विस्तार बताया। कहा कि थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को हर सप्ताह खून की जरूरत पड़ती है। ऐसे में हम सबको रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।

रक्तदान शिविर में प्रधान लेखाकार एस आलोक, पूर्व निदेशक एमएल उप्रेती, उप महालेखाकार योगेश अग्रवाल, उप महालेखाकार अजय कृपाशंकर, पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस रावत, पूर्व निदेशक डॉॅ. मीनाक्षी उनियाल, डॉ. एमएस अंसारी, संजय राजदान, कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रक्तदान शिविर में डॉ. दलजीत कौर, रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. एमएस अंसारी, पार्वती पांडे, सुमन मल्होत्रा, पद्मिनी मल्होत्रा, रूपाली शर्मा, दीपक, जगप्रीत सिंह समेत कई ने रक्तदान शिविर के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
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प्रेमनगर श्री रांझा गुरुद्वारा में 12 रक्तदाताओं ने किया रक्तदान 

श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल व अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रेमनगर स्थित श्री रांझा गुरुद्वारा में आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 12 यूनिट रक्तदान किया गया। बारिश के चलते रक्तदान शिविर का स्थान बदले जाने की वजह से ज्यादातर रक्तदाता शिविर तक पहुंच ही नहीं पाए। रक्तदान शिविर में आयोजक बीरेेंद्रपाल सिंह, मोहित चावला, आदिल सलमानी, पूजा मौर्य, विकास सिंह, नवीन शुक्ला, लक्ष्मी, शूरवीर आदि उपस्थित थे।

स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आई युवा बिग्रेड 
रक्तदान शिविरों में युवा बिग्रेड ने जबरदस्त जज्बा दिखाया। मसूरी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित शिविर में छात्र-छात्राओं के अलावा शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इतना ही नहीं इन युवाओं ने रक्तदान का लेकर व्याप्त भ्रांतियों के निराकरण में भी भूमिका निभायी। रक्तदान से डर रहे कई रक्तदाताओं को अपने अनुभवों से प्रेरित कर रक्तदान करने में मदद की।

रक्तदान शिविर में छात्र-छात्रा या युवा पीढ़ी ही नहीं कई अधिवक्ताओं, महिलाओं, अधिकारियों, समाजसेवियों ने रक्तदान कर इंसानियत का फर्ज निभाते हुए  सामाजिक दायित्वों का भी किया। खास बात ये है कि स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में पहुंचे तमाम ऐसे रक्तदाता थे जो ड्यूटी छोड़कर रक्तदान करने पहुंचे थे।

युवाओं ने लिया भविष्य में रक्तदान का संकल्प
रक्तदान शिविर के दौरान तमाम युवाओं, युवतियों ने दोबारा रक्तदान का संकल्प लिया। रक्तदाताओं में शामिल कई छात्र-छात्राओं, युवाओें ने कहा कि वे रक्तदान करके जहां खुशी महसूस कर रहे हैं, वहीं यह संकल्प भी लिया कि वे शीघ्र ही दोबारा रक्तदान करना चाहेंगे ताकि थैलीसीमिया, एप्लास्टी एनीमिया से पीड़ित बच्चों की जिंदगी बचाने में अपना योगदान दे सके। 
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