हर उम्र के साथ महिलाओं में बीमारियां भी आती हैं। पहले माहवारी, फिर गर्भधारण, बच्चा होने के बाद कमर में दर्द रहना जैसी दिक्कतें आती हैं। इसके बाद जब महिला 40 से 50 उम्र की होती हैं तो मोनोपॉज की तरफ आती हैं। अचानक मासिक धर्म आना या लंबे समय बाद आना।
इस तरह के बदलाव महिलाओं के शरीर में होते हैं, लेकिन महिलाओं को समझना होगा कि यह बदलाव हार्मोंस की वजह से होते हैं। कुछ बदलाव ऐसे होते है जो स्वाभाविक हैं, लेकिन इनके लिए भी हम दवा खा लेते हैं, जो नहीं करना चाहिए। अगर आप ज्यादा चिंतित हैं तो पहले चिकित्सक से सलाह जरूर लें।
मोनोपॉज बीमारी नहीं, स्वाभाविक प्रक्रिया
संवाद के दौरान नीतू वालिया व सुमन डोभाल, मंजू जैन सहित लगभग अधिकतर महिलाओं ने मोनोपॉज से संबंधित सवाल पूछे, जिसके जवाब में डा. अंजलि चौधरी व डा. श्वेता ने बताया कि मोनोपॉज एक बीमारी नहीं स्वाभाविक प्रक्रिया है। जिस तरह से यह शुरू हुआ उसी तरह से एक उम्र के बाद इसे खत्म होना है। हालांकि इस दौरान महिलाओं को कुछ समस्या होती है, जैसे नींद न आना, चिड़चिड़ापन रहना, बिना वजह गुस्सा, डिप्रेशन, बिना वजह रोने का मन करना, पीठ दर्द, कमर दर्द। यह मोनोपोज है, लेकिन यह समस्या नहीं है, लेकिन कुछ लोग इसे बीमारी समझकर इसका इलाज करना शुरू कर देते है।
इस दौरान सबसे जरूरी है कि आपका मानसिक संतुलन सही रहे। अपनी जीवनशैली को बदले न की दवाइयां खाएं। इस समय सोशल सपोर्ट चाहिए। योगा कीजिए, मेडिटेशन कीजिए, कैल्शियम लीजिए इसी से आपकी समस्या खत्म हो जाएंगी। मासिक धर्म एक ही बार में खत्म नहीं होता है। इसके दो तीन तरीके होते हैं।
सवाल : यूट्रस निकालने की क्या कोई उम्र होती है?
इसकी कोई उम्र नहीं होती, लेकिन यूट्रस बहुत सोच समझकर निकलवाना चाहिए। वो भी तब जब मेडिकल मैनेजमेंट इसमें कुछ न कर पाए, लेकिन हमेशा यह प्रयास रहे कि हमें यूट्रस को बचाना है, क्योंकि इसका पूरे शरीर पर प्रभाव पड़ता है।
सवाल : 20-30 की उम्र में भी ओवरी सिस्ट हो सकती है। - प्रियांशी जुयाल
जवाब: कुछ लड़कियां घर से बाहर रहती हैं जिससे उनका खानपान सही न होने के कारण उनकी दिनचर्या पर असर पड़ता है। अगर शरीर में बदलाव आए तो एक बार चेकअप जरूर कराएं।
सवाल: पीसीओडी ( पॉली सिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर) नहीं हो तो माहवारी ठीक नहीं है - श्वेता वर्मा
जवाब: यह परेशानी महिलाओं में हार्मोंस के असंतुलन, मोटापा या तनाव के कारण होती है। इसलिए अपना खानपान अच्छा रखें और जीवनशैली को अच्छा करें।
सवाल: यूरिन के दौरान दर्द होता है। इंफेक्शन तो नहीं है। किसे दिखाना चाहिए। - संगीता नेगी, हिमांशी ऋषिकेश
जवाब: यूरिन के समय दर्द होना एक इंफेक्शन है। आपको यूरिन की जांच करानी चाहिए। इसके साथ ही कुछ एंटीबाइटिक्स लेने की जरूरत है। साफ-सफाई का खास ध्यान देना जरूरी है। गर्मियों के दौरान कोशिश करें कि पानी ज्यादा से ज्यादा पीए, लेकिन अगर लगातार खुजली की भी शिकायत है तो स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाएं।
फोन पर पूछे गए सवाल -
सवाल : माहवारी अनियमित हो रही है इसका क्या कारण है? सुबह उठती हूं तो बहुत थकान रहती है - संगीता (चमोली) व आरती (देहरादून)
जवाब : कम उम्र की महिलाओं के गर्भनिरोधक गोलियां खाने से अक्सर यह दिक्कत आती है। अगर उम्र अधिक है और माहवारी अनियमित है तो यह मोनोपॉज हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप महिला चिकित्सक से जाकर परामर्श लें। नियमित माहवारी के लिए कुछ दवाइयां दी जाती हैं, लेकिन इससे पहले शारीरिक जांच जरूरी है।
सवाल: एक-दो साल से समय पर माहवारी नहीं आती। दो बार मिसकैरिज भी हो गया है। - ममता (घनसाली)
जवाब: आपका मिसकैरिज हुआ इसलिए एक बार पूरी जांच कराने की जरूरत है। ये बड़ी दिक्कत हो सकती है। पीसीओडी की दिक्कत आपके साथ हो सकती है, लेकिन साथ में और भी जांच कराने की जरूरत होती है। आज ऐसी दवाइयां हैं, जिससे आपको दोबारा नियमित माहवारी हो सकती है, लेकिन आपको जांच सही से करवानी होगी।
सवाल : पेट में सूजन और कई बार बड़ा दिखता है। यह परेशानी की बात तो नहीं। - निधि ( देहरादून)
जवाब : खाली पेट न रहें। जरूरी है कि हर चार घंटे बाद कुछ न कुछ जरूर खाएं। काम में चाहें कितना ही व्यस्त रहें, लेकिन खाना न छोड़ें। एसिडिटी के कारण भी पेट बढ़ जाता है।
- योगा या एक्सरसाइज जरूर करें।
- खानपान सही रखें।
- भूखे पेट न रहें।
- जीवनशैली को बदले
- पेनकिलर ज्यादा खाने से बचें।
27000 रीच रही, 8700 लोगों ने देखा
अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम को सैकड़ों लोगों ने लाइव देखा। संवाद की 27000 रीच रही जबकि 8700 लोगों ने देखा।