तीन वायरस फैलाते हैं डायरिया का संक्रमण
राजकीय जिला कोरोनेशन अस्पताल की इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. समृद्धि नौटियाल ने बताया कि तीन तरह के वायरस खासतौर से डायरिया का संक्रमण फैलाते हैं। नोरो वायरस और रोटा वायरस पांच साल से कम उम्र के बच्चों को सबसे ज्यादा संक्रमित करते हैं। वयस्कों को भी ये अपना शिकार बना सकते हैं, पर एडेनो वायरस किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए डायरिया का कारण बन सकता है। डायरिया का शुरुआती लक्षण बार-बार दस्त लगना है। दस्त पतला होता है और उसमें पानी का अंश ज्यादा होता है। दिनभर में चार-पांच या इससे भी ज्यादा बार दस्त हो सकता है। बीमारी बढ़ने लगे तो आंतों में मरोड़ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द होने लगता है।
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भरपूर मात्रा में लें तरल पदार्थ
डायरिया होते ही मिर्च-मसाले वाली चीजें खाना तुरंत बंद कर दें।
पानी, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ भरपूर मात्रा में लें।
छाछ और दही के साथ ही चावल भी डायरिया में फायदेमंद है।
अदरक का रस, नींबू और काली मिर्च का चूर्ण पानी में मिलाकर पीएं।
भूख लगने पर मूंग की खिचड़ी और साबूदाना खाएं।
फल और सब्जियों का इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह धो लें।
डायरिया की स्थिति में हो सके तो पानी को उबाल कर ठंडा करके पीएं।
एक गिलास पानी में दो चम्मच शक्कर, चुटकीभर नमक नींबू के रस के साथ पीएं।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
डॉ. नुजहत, डॉ. नैंसी यादव, नेहा गौनियाल, मंजू जैन, वैभा कपूर, मिली कौर, पूर्णिमा जैन, मधु जैन, पायल बहल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना का भी सहयोग रहा।