देहरादून। चरस, गांजा, अफीम बीते जमाने की बात हो गई प्रदेश के युवा इनसे कहीं अधिक खतरनाक नशे की गिरफ्त में भी आ रहे हैं। इनमें तेजी से हेरोइन, कोकीन और यहां तक की एमडीएमए जैसी ड्रग्स का चलन भी बढ़ा है।
इसकी हकीकत पुलिस की कार्रवाई भी बताती है। कई बार विदेशी नागरिकों को भी कोकीन सप्लाई में देहरादून पुलिस ने पकड़ा है। इसके अलावा कुमाऊं क्षेत्र से एमडीएमए दवा की बड़ी खेप भी पकड़ी जा चुकी है। इनमें ताजा और बड़ा नाम एमडीएमए नाम की ड्रग्स का है। इसके बढ़ते चलन से पुलिस भी चिंतित है। इसी महीने की शुरुआत में बरेली के एक तस्कर को रुद्रपुर से 38 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया था। यह ड्रग्स शहर के युवाओं को सप्लाई की जानी थी।
इससे पहले जुलाई में पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के साथ मिलकर पिथौरागढ़ के थल में एक पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रही एमडीएमए बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। उस समय 5.6 किलोग्राम एमडीएमए जब्त किया गया था।
इसकी कीमत उस वक्त कीमत 10 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसके अलावा इसे बनाने का कच्चा माल भी बड़ी मात्रा में पकड़ा गया था। यह एक हाई-एंड पार्टी ड्रग है और इसका यहां मिलना यह दर्शाता है कि इसकी मांग बढ़ रही है।
आईजी एएनटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि नशे की तस्करी रोकने के लिए हर स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि पुलिस को सफलता मिल रही है। एएनटीएफ को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसके लिए अब अभियान को और गति दी जा रही है।