जिले की 292 ग्राम पंचायतों में चालू वित्तीय वर्ष में ठोस पदार्थ एवं अपशिष्ट प्रबंधन योजना के माध्यम से कूड़ा निस्तारण की योजना बनेगी। ग्राम पंचायत स्वच्छता समिति के माध्यम से इन गांवों में सार्वजनिक कूड़ेदान, गोबर के लिए गड्ढे, सोखता पिट बनाए जाएंगे।
पानी के निकासी के लिए नालियों का भी निर्माण होगा। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत की अलग डीपीआर बनाई जा रही है। आमतौर पर ग्राम पंचायतों में सफाई, स्वच्छता के लिए कोई योजना नहीं बन सकी है। अब सरकार की स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों को ठोस पदार्थ एवं अपशिष्ट प्रबंधन योजना के माध्यम से स्वच्छ बनाने की योजना है।
इसके लिए केंद्र सरकार 90 फीसदी, राज्य सरकार 10 फीसदी अंशदान देगी। योजना में ऐसी ग्राम पंचायत शामिल की गई हैं, जहां प्रत्येक परिवार का अपना शौचालय हो और गांव खुले में शौच से मुक्त हो। चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना में जिले की 292 ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं। स्वजल विभाग के माध्यम से ग्राम पंचायत की आबादी, पशुधन के आंकड़े जुटाकर डीपीआर बनाई जा रही है। प्रत्येक परिवार को घर में गीला, सूखा कूड़ा अलग रखने के लिए दो कूड़ेदान दिए जाएंगे।
गांव में सार्वजनिक स्थान पर भी दो कूड़ेदानों का निर्माण होगा। इसमें घरों का कूड़ा डाला जाएगा। गोबर के लिए गड्ढे, पानी निस्तारण के लिए नालियां बनाई जाएंगी। रसोई, स्नानागार से निकलने वाले पानी के लिए सोखता पिट भी बनेंगे। ताकि यह ग्राम पंचायतें स्वच्छ, सुंदर बन सकें।
ग्राम पंचायतों को परिवारों के हिसाब से बजट मिलेगा
परिवार राशि
150 परिवार तक सात लाख
151 से 300 परिवार तक 12 लाख
300 से अधिक परिवार पर 15 लाख
चयनित ग्राम पंचायतों में ठोस पदार्थ एवं अपशिष्ट प्रबंधन के लिए डीपीआर बनाने का कार्य प्रगति पर है। पैसा अवमुक्त होने के बाद ग्राम स्वच्छता समिति के माध्यम चयनित ग्राम पंचायतों में कार्य किया जाएगा।
- मो. असलम, डीडीओ, अल्मोड़ा