परिवहन विभाग पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए ई-रिक्शा यूनियन सेलाकुई-सहसपुर से जुड़े लोगों ने ढकरानी स्थित एआरटीओ कार्यालय में प्रदर्शन किया। मांगों को लेकर ज्ञापन एआरटीओ प्रशासन मनीष तिवारी को सौंपा।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सभी दस्तावेज होने के बावजूद ई-रिक्शा का चालान किया गया। घर पर खड़े ई-रिक्शा का चालान भी कर दिया गया। जब ऑनलाइन जुर्माने का सात हजार का मैसेज ई-रिक्शा संचालक को आया, तब इसका पता चला।
पूर्व प्रधान और यूनियन के संरक्षक सुंदर थापा ने कहा कि क्षेत्र में ई-रिक्शा बिक्री की कई एजेंसी खुली हुई हैं, जो सभी मानकों को ताक पर रखकर ई-रिक्शा बेच रहे हैं। बाहरी लोगों को यह कह कर रिक्शा बेच रहे हैं कि रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं है। न ही लाइसेंस की जरूरत है।
बिना रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के बाहरी लोगों की कई ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रही हैं। जिसके चलते स्थानीय ई-रिक्शा संचालकों के हित भी प्रभावित हो रहे हैं, जबकि यूनियन से जुड़े ई-रिक्शा संचालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
एआरटीओ मनीष तिवारी ने उत्पीड़न के आरोपों गलत बताया। उन्होंने ई-रिक्शा संचालकों को सभी मानकों और दस्तावेजों को पूरा करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यदि त्रुटिवश कोई चालान गलत हुआ होगा, तो उसे ठीक करा दिया जाएगा। इस मौके पर एआरटीओ प्रवर्तन रावत सिंह भी मौजूद रहे। प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष सोनू, बिलाल, अब्दुल सलाम, मोहम्मद अहमद, सुखबीर सिंह, गोपाल, आरिफ आदि मौजूद रहे।