फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नारी जाति को बदनाम करने की बजाए अपने संतों पर अंकुश लगाए अखाड़ा परिषद्: संत समिति

Fri, 06 Oct 2017 11:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
akhara parishad
विज्ञापन
आश्रमों महिलाओं के प्रवेश को वर्जित करने को लेकर अखाड़ा परिषद के बयानबाजी पर अखिल भारतीय संत समिति उबल पड़ी है। संत समिति ने कहा है कि अखाड़ा परिषद अपने संतों पर अंकुश लगाए, केवल नारी जाति को बदनाम न करे। परिषद के बयानों से ऐसा लग रहा है कि मानो आश्रम में आने वाली सभी औरतें खतरनाक हों। खतरा कहां है, यह खुद अखाड़ा परिषद तलाशे।  
विज्ञापन


गरुड़ आश्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबा हठयोगी दिगम्बर ने कहा कि महामंडलेश्वर तो स्वयं चेलियां बना रहे हैं। यह अंकुश संतों पर लगना चाहिए कि वे केवल पुरुषों को ही अपना शिष्य बनाएं।
विज्ञापन

demo pic
कमी कुछ साधु संतों में है और दोष नारी जाति का निकाला जा रहा है। ऐसा लगता है कि साधुओं के जेल जाने के पीछे सिर्फ औरतों का हाथ है। वास्तव में जो जेल में हैं उनके कारनामे संतोचित नहीं थे। उन्होंने तो संत नाम को भी कलंकित कर दिया था। संत समिति यह जानकर खासी हैरान है कि उन कथित साधुओं का दंड समूची संत परंपरा को भुगतना पड़ रहा है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष की ओर से ऐसा दिखाया गया है कि मानो औरतें ही बाबाओं को खराब कर रही हैं। यह पूरी नारी जाति का अपमान है, जिसके लिए अखाड़ा परिषद को जवाब देना होगा। अखिल भारतीय संत समिति ने मांग की है कि संत जगत को शुद्ध करने का अभियान सभी को चलाना चाहिए। इसके लिए संत समिति भी अपनी ओर से कदम उठा रही है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें