प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के लिए अब बैंक किसी भी ग्राहक को चक्कर नहीं कटवा सकते। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) ने इसके आवंटन को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। हर बैंक की शाखा को हर माह पांच मुद्रा लोन आवंटित करने का निर्देश है तो दूसरी ओर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति ने सीधे शिकायत सुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
खास बात यह है कि एक ओर मुद्रा लोन वापसी की अवधि पांच साल हो गई है तो दूसरी ओर बैंकों में मुद्रा लोन के अलग से डेस्क बनाना अनिवार्य कर दिए गया है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के एजीएम आरके पंत ने बताया कि छह माह में प्रदेश के सभी बैंकों की 2200 शाखाओं ने 367.50 करोड़ रुपये के 17,671 मुद्रा लोन आवंटित किए हैं।
इसमें 20.02 करोड़ के 6571 शिशु लोन(50 हजार रुपये तक के), 206.39 करोड़ रुपये के 9172 किशोर लोन(50 हजार से पांच लाख रुपये तक के) और 141 करोड़ रुपये के 1925 तरुण लोन (पांच लाख से दस लाख रुपये तक के) आवंटित किए गए हैं।
अगर बैंक परेशान करे तो यहां करें शिकायत
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उन्होंने बताया कि सभी बैंक शाखाओं को हर महीने पांच-पांच मुद्रा लोन अनिवार्य तौर पर आवंटित करने हैं। इस हिसाब से 2200 बैंक शाखाओं से हर महीने 11,000 मुद्रा लोन आवंटित होंगे। अगर कोई बैंक लोन देने में आनाकानी करे तो सीधे एसएलबीसी को इसकी शिकायत की जा सकती है।
प्रधानमंत्री मुद्रा लोन की बैंकों के लिए शर्त है कि कोई भी बैंक इसके लिए गारंटी न मांगे। एसएलबीसी के एजीएम आरके पंत के मुताबिक सभी बैंकों को इस संबंध में लगातार आगाह किया जाता रहा है कि किसी भी मुद्रा लोन लेने वाले से किसी भी तरह की गारंटी नहीं ली जाएगी। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई को उनके मुख्य कार्यालय को लिखा जाएगा।
अगर बैंक परेशान करे तो यहां करें शिकायत
मुद्रा लोन देने में अगर कोई बैंक परेशान करे तो एसएलबीसी में इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए एसएलबीसी के मैनेजर स्वतंत्र शर्मा के मोबाइल नंबर 9412939230 पर कॉल करने के अलावा पर agmslbc.zodeh@sbi.co.in ईमेल भी कर सकते हैं।
यह प्रमाण पत्र हैं मुद्रा लोन में जरूरी
पहचान प्रमाण पत्र : वोटर आईडी/ड्राइविंग लाइसेंस/पैन कार्ड/आधार कार्ड/पासपोर्ट/सरकारी विभाग से जारी पत्र।
आवास प्रमाण पत्र : टेलीफोन बिल/बिजली बिल/संपत्ति कर रसीद/वोटर आईडी/आधार कार्ड/पासपोर्ट/बैंक पासबुक/नगर पालिका से जारी प्रमाण पत्र आदि।
यह भी जरूरी : दो फोटो जो कि छह माह से पुरानी न हो। खरीदी जाने वाली मशीनरी या अन्य सामग्री की निविदा। आपूर्तिकर्ता का नाम, मशीन का ब्यौरा, मशीन या खरीदी जाने वाली
सामग्री का मूल्य। अगर कोई व्यावसायिक उद्यम पहले से स्थापित है तो उसका पहचान पत्र, पता, लाइसेंस, पंजीकरण प्रमाण पत्र या इससे जुड़ा कोई दस्तावेज। अगर एससी, एसटी, ओबीसी श्रेणी से हैं तो संबंधित का जाति प्रमाण पत्र।