ऐसा हुआ तो प्रदेश के करीब 2300 हाईस्कूल व इंटर कॉलेज, उत्तराखंड बोर्ड से हटकर सीबीएसई से मान्य हो जाएंगे। इन सभी कॉलेजों में फिर सीबीएसई के नियम ही लागू होंगे। माना जा रहा है कि यदि यह सभी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज सीबीएसई के अधीन हो गए तो प्रदेश के दुर्गम इलाकों तक के छात्रों की प्रतियोगी परीक्षाओं तक पहुंचने की राह आसान हो जाएगी।
अगर यह विद्यालय सीबीएसई के अधीन आए तो देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय का भार बढ़ जाएगा। ऐसे में कुमाऊं क्षेत्र में एक और क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की संभावनाएं बढ़ जाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली और छत्तीसगढ़ में पहले से सभी सरकारी हाईस्कूल और इंटर कॉलेज, सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं। इन राज्यों में स्टेट का कोई बोर्ड नहीं है।