एक पूरे साम्राज्य को खत्म कर देने वाली टिहरी झील अब फिर से तबाही ला सकती है। बारिश से टिहरी बांध की झील के जलस्तर में भी तेजी आई है। तीन दिन में जलस्तर चार मीटर बढ़ गया है।
जलस्तर में हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। डीएम ने नरेंद्रनगर देवप्रयाग और टिहरी एसडीएम को झील क्षेत्र से सटे स्थानों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। टीएचडीसी को झील को आरएल 825 तक भरने की अनुमति है।
भागीरथी से 429.5 और भिलंगना नदी से 345.27 क्यूमेक्स पानी का बहाव दर्ज किया गया है। झील से 500 क्यूमेक्स पानी नदी की ओर छोड़ा जा रहा है। बांध का जलस्तर बढ़ने से टीएचडीसी बांध की चारों टरबाइनों को चलाकर 23 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन कर रहा है।
वर्तमान में सरकार की ओर से टीएचडीसी को झील को अधिकतम आरएल 825 मीटर तक भरने की अनुमति दी है, लेकिन टिहरी एवं उत्तरकाशी जिले में हो रही बारिश से बांध की झील का जलस्तर आरएल 802.70 मीटर पहुंच गया है।
भले की जलस्तर बढ़ने से खतरे की संभावनाएं न हो। डीएम सोनिका ने टिहरी, देवप्रयाग, नरेंद्रनगर के एसडीएम को जलस्तर में बढ़ोत्तरी को देखते हुए झील क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कहा कि जलस्तर के आरएल 815 पहुंचने पर बांध के स्पिलवे से पानी की निकासी की जाएगी।