नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को भेजी चिट्ठी में संसदीय अधिकारो के संरक्षण की मांग की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के लिए जो तय हो रहा है उस पर अमल नहीं हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने सत्र का समय बढ़ाने की मांग की है।
अध्यक्ष से की मांग
चिट्ठी में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने कहा कि कार्यमंत्रणा की सिफारिश सदन द्वारा स्वीकृत की गई थी। इसके अनुसार बीस जनवरी 2014 को अध्यादेशों को पटल पर रखने व विभिन्न विधेयकों को पुनर्स्थापित करने के साथ ही 21 जनवरी को उन्हें पारित करने की योजना बनाई गई थी।
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उन्होंने कहा कि जब कोई अध्यादेश प्राख्यापित किया जाता है तो उसके बाद सत्र के शुरू में ही अध्यादेश की प्रतिलिपि समेत विवरण पटल पर रखा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अध्यादेश का अनुमोदन करने के संकल्प का अवसर भी नहीं दिया गया।
राज्यपाल के अभिभाषण पर नहीं हुई चर्चा
राज्यपाल के अभिभाषण के संबंध में नियमावली के नियम के तहत अभिभाषण में निर्दिष्ट विषयों की चर्चा के लिए चार दिन का समय तय था लेकिन प्रस्तावित कार्यक्रम में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण, चर्चा आदि का समय सीमित हो गया।
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असरकारी सदस्यों के लिए शुक्रवार का दिन प्राविधानित होता है लेकिन यह मौका भी इस बार नहीं मिला। इसलिए सत्र के दिनों में बढ़ोत्तरी की जाए।
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नेता प्रतिपक्ष द्वारा भेजे गए पत्र पर विधायक बंशीधर भगत, गणेश जोशी, पूरण फर्त्याल, दानसिंह भंडारी, सुरेंद्र सिंह जीना आदि के भी हस्ताक्षर थे।