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दहेज हत्या के मामले में वायुसेना अधिकारी और माता-पिता को सात-सात साल की कैद, 75 हजार जुर्माना

Wed, 02 Oct 2019 08:28 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी

सार

  • 10 जुलाई 2016 को बहु ने घर में की थी खुदकुशी। 
  • दस लाख रुपये दहेज के लिए प्रताड़ित करने का लगा था आरोप।
 
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड के हल्द्वानी में प्रथम सत्र न्यायाधीश हल्द्वानी अरविंद कुमार की कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में वायुसेना अधिकारी और उसके माता-पिता को सात-सात साल की कैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 

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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि हल्द्वानी चांदनी चौक निवासी भावना पुत्री लाल सिंह दरम्वाल का विवाह चार जून 2015 को गैस गोदाम रोड निवासी राजेंद्र सिंह मनराल के साथ हुआ था।

राजेंद्र सिंह एयरफोर्स में अफसर था। शादी में भावना के मायके वालों ने पांच लाख रुपये व अन्य जरूरत का सामान उपहार स्वरूप दिया। 10 जुलाई 2016 को भावना ने घर में खुदकुशी कर ली।
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उसके मायके वालों ने उसके पति राजेंद्र सिंह, सास भगवती और ससुर भूपाल सिंह पर भावना को दस लाख रुपये दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया। मामला प्रथम सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत में पहुंचा। यहां अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी ने नौ गवाह पेश किए।

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पति और सास-ससुर को 10 साल की सजा

एक अन्य मामले में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो. सुल्तान की कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में पति, सास और ससुर को 10-10 साल की सजा और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता घनश्याम पंत ने बताया कि बहेड़ी निवासी ऊषा का विवाह 18 अप्रैल 2016 को एचएमटी कॉलोनी रानीबाग निवासी धर्मवीर के साथ हुआ था।

आरोप है कि कुछ समय बाद धर्मवीर की मां उर्मिला और पिता ढाकन लाल ऊषा से एक लाख रुपये की मांग करते हुए प्रताड़ित करने लगे। सात अक्तूबर 2016 को ऊषा ने आत्महत्या कर ली।

ऊषा के भाई चंद्रपाल ने ससुरालियों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए ऊषा के पति धर्मवीर, सास उर्मिला और ससुर ढाकन लाल के खिलाफ काठगोदाम थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामला द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो. सुलतान की अदालत में पहुंचा। मंगलवार को इस मामले में सजा सुनाई गई।

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