एक अन्य मामले में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो. सुल्तान की कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में पति, सास और ससुर को 10-10 साल की सजा और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता घनश्याम पंत ने बताया कि बहेड़ी निवासी ऊषा का विवाह 18 अप्रैल 2016 को एचएमटी कॉलोनी रानीबाग निवासी धर्मवीर के साथ हुआ था।
आरोप है कि कुछ समय बाद धर्मवीर की मां उर्मिला और पिता ढाकन लाल ऊषा से एक लाख रुपये की मांग करते हुए प्रताड़ित करने लगे। सात अक्तूबर 2016 को ऊषा ने आत्महत्या कर ली।
ऊषा के भाई चंद्रपाल ने ससुरालियों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए ऊषा के पति धर्मवीर, सास उर्मिला और ससुर ढाकन लाल के खिलाफ काठगोदाम थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद मामला द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो. सुलतान की अदालत में पहुंचा। मंगलवार को इस मामले में सजा सुनाई गई।
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