एमबीबीएस और बीडीएस की ऑल इंडिया कोटे की 15 प्रतिशत सीटों पर दाखिले के लिए एक मई को होने जा रही ऑल इंडिया प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट (एआईपीएमटी) में सवालों की कठिनता का स्तर भी समझना जरूरी है। हर विषय में सीबीएसई की ओर से अलग-अलग कठिनता का स्तर होता है। परीक्षा में सबसे मुश्किल माने जाने वाले विषय फिजिक्स में करीब 33 प्रतिशत सवाल बेहद कठिन होते हैं।
गत वर्षों के नीट और एआईपीएमटी प्रश्न पत्रों के हिसाब से देखें तो फिजिक्स में 20 से 30 प्रतिशत सवाल ऐसे होते हैं जो सीधे एनसीईआरटी की किताब से आते हैं। एनसीईआरटी की बुक से तैयारी करने वाला छात्र इन्हें आसानी से हल कर सकता है। फिजिक्स में करीब 30 प्रतिशत सवाल थ्योरी पर आधारित होते हैं।
एक अहम बात यह भी है कि ज्यादातर सवाल ऐसे होंगे जो सीधे-सीधे हल होने के बजाए घुमावदार होंगे और एक सवाल में एक से अधिक कांसेप्ट होंगे। फिजिक्स में ओवरऑल 33 प्रतिशत सवाल बेहद कठिन, 60 प्रतिशत सवाल मध्यम श्रेणी के और केवल सात फीसदी सवाल ही सरल होते हैं। 11वीं के सिलेबस से करीब 23 सवाल और 12वीं के सिलेबस से करीब 22 सवाल पूछे जाते हैं।
गत वर्ष के पेपर का कठिनता का स्तर
11वीं
हीट एंड थर्मोडायनामिक्स (सरल-1, मध्यम-2, कठिन-2)
मैकेनिक्स (सरल-1, मध्यम-8, कठिन-5)
वेव्स (मध्यम-4)
12वीं
इलेक्ट्रिसिटी (सरल-1, मध्यम-2, कठिन-4)
मैग्नेटिज्म (मध्यम-3, कठिन-2)
मॉर्डन फिजिक्स (मध्यम-6, कठिन-1)
ऑप्टिक्स (मध्यम-2,कठिन-1)
ईमेल पर पूछें सवाल, दूर करें असमंजस
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एआईपीएमटी में 11वीं और 12वीं के सिलेबस से तकरीबन बराबर सवाल आते हैं। इसलिए 11वीं के सिलेबस को भी अच्छी तरह से रिवाइज जरूर कर लें। कठिन सवाल अपेक्षाकृत कम ही होते हैं, लिहाजा मध्यम श्रेणी के सवालों पर फोकस बनाएं तो कामयाबी आसान होगी।
- डीके मिश्रा, निदेशक, अविरल क्लासेज