गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का आज दोपहर बाद एम्स ऋषिकेश में निधन हो गया।
एम्स प्रशासन के मुताबिक उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट के चलते दोपहर करीब दो बजे के आस-पास हुई। उनकी निधन की खबर आम होते ही उनके अनुयायियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
सानंद के निधन से उपजे आक्रोश से उपजी किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियातन हरिद्वार और देहरादून की पुलिस एम्स में तैनात कर दी गई है। सरकार और कई आला अधिकारी हर घटनाक्रम पर नजर गड़ाए हुए हैं।
एम्स प्रशासन के मुताबिक स्वामी सानंद पहले ही अपना शरीर एम्स, ऋषिकेश को दान किए जाने का संकल्प पत्र भर चुके थे, लिहाजा उनका शव एम्स में ही रखा गया है।
प्रोफेसर जीडी अग्रवाल ने वर्ष 2011 में बनारस में गंगा के तट पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से दीक्षा ली थी और प्रोफेसर जीडी अग्रवाल से स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद बन गए।
इसके बाद हरिद्वार के जगजीतपुर में गंगा के तट पर स्थित मातृसदन में ही उन्होंने गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर विगत 22 जून को आमरण अनशन शुरू किया था।
लेकिन गंगा के लिए जीवन भर संघर्षरत रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का महाप्रयाण भी गंगा किनारे स्थित एम्स ऋषिकेश में ही हुआ। और इस तरह ज्ञान स्वरूप सानंद का गंगा तट से शुरू हुआ सफर गंगा के तट पर ही समाप्त हो गया।
साभार: ईटीवी भारत