पहले उन्होंने अपने इस्तीफे को लेकर ट्वीट किया और उसके बाद फेसबुक पर पोस्ट डाली। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार एवं संगठनात्मक कमजोरी के लिए हम सभी पदाधिकारी उत्तरदायी हैं।
असम लोकसभा चुनाव में पार्टी का अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के लिए प्रभारी के रूप में मैं भी उत्तरदायी हूं। मैंने अपनी कमी को स्वीकार करते हुए राष्ट्रीय महासचिव पद से त्यागपत्र दे दिया है।
पार्टी के लिए समर्पित भाव से काम करने के लिए मेरी स्थिति के लोगों के लिए पद आवश्यक नहीं है। मगर प्रेरणा देने वाला नेता आवश्यक है। प्रेरणा देने की क्षमता केवल राहुल गांधी में है।
उनके हाथ में बागडोर रहे तो यह संभव है कि हम 2022 में राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव में वर्तमान स्थिति को बदल सकते हैं और 2024 में भाजपा और मोदी को परास्त कर सकते हैं। सभी राहुल गांधी को अध्यक्ष पद पर देखना चाहते हैं।’