मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रेमनगर में बहुउद्देशीय दक्षता प्रशिक्षण प्रसार एवं सूचना केंद्र का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि राज्य की तस्वीर खेती से ही बदली जा सकती है। किसानों तक आधुनिक तकनीक की जानकारी पहुंचाने के लिए कृषि विभाग प्रोग्रेसिव किसानों की सहायता लें।
कृषि निदेशालय नंदा की चौकी प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादन यदि एक प्रतिशत बढ़ जाए तो उत्तराखंड में 37 हजार से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला जा सकता है। राज्य सरकार ने खेती और किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
कृषि, पशुपालन व मत्स्य में लगभग 111 छोटी व बड़ी योजनाओं की शुरूआत की है। खेती को लाभदायक बनाने के लिए ज्ञान का आदान प्रदान जरूरी है। दुनिया में खेती के क्षेत्र में आ रहे बदलाव की जानकारी खेत में काम कर करें किसानों तक निरंतर पहुंचे इसके लिए प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कृषि में हो रहे बदलाव जमीन पर दिखाई देने चाहिए, इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों एवं कृषि प्रशासकों का किसानों के साथ लगातार संपर्क बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गन्ना किसानों को बीज बदलाव के लिए प्रेरित किया तो गन्ने के उत्पादन व रिकवरी में उत्साहजनक वृद्धि हुई। कार्यक्रम में सहसपुर ब्लाक अध्यक्षा रंजीता तोमर, कृषि निदेशक गौरी शंकर आदि मौजूद रहे।