दून विश्वविद्यालय और हिमालयन ट्रस्ट के बीच एक एमओयू हुआ है। दून विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल और हिमालयन ट्रस्ट के सचिव अनिल बहुगुणा ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।
उत्तराखंड केंद्रित पर्यटन, कृषि, बागवानी, पेयजल, औद्यानिकी, वानिकी आदि क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने, क्षेत्रीय उत्पाद के ब्रांडिंग, विपणन की दिशा में मौलिक शोध एक्शन रिसर्च के माध्यम से संचालित करने और राज्य के विकास की योजना व नीति निर्धारण जैसे विषयों पर विमर्श के लिए शैक्षणिक कार्यक्रमों के संचालन को गति देने के उद्देश्य से यह समझौता हुआ है। हिमालयन ट्रस्ट के सचिव अनिल बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड से पलायन रोकना, युवाओं को स्वरोजगार के दिशा में प्रेरित एवं प्रशिक्षित करना, विकास के कार्यक्रमों और योजनाओं पर विमर्श जैसे कार्यक्रमों को इस समझौते से गति मिलेगी।
दून विवि के कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल ने कहा कि संस्थान के विद्यार्थियों को उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में अध्ययन करने से ज्ञान एवं अनुभव प्राप्त होगा। इस अवसर पर प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं दून विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ सोशल साइंस के आचार्य प्रोफेसर आरपी ममगाईं ने कहा कि हिमालयन ट्रस्ट कई दशकों से उत्तराखंड की सतत विकास, गुणवत्ता युक्त जीवन शैली एवं पलायन जैसी समस्याओं का अध्ययन कर रहा है। इस समझौते से हमारे विद्यार्थी मौलिक शोध से समस्याओं के निराकरण की दिशा में प्रभावी कारण खोजने में सफल होंगे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. योगेंद्र भट्टाचार्य, केएस रावत, प्रो. हर्ष डोभाल व प्रो. एचसी पुरोहित उपस्थित थे। मा.सि.रि.