एक समान पेंशन, नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण और राज्य निर्माण सेनानी का दर्जा दिए जाने की मांग के लिए आंदोलनकारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की कोशिश की।
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मगर पुलिस ने हाथीबड़कला पुलिस चौकी से पहले ही बेरिकेडिंग लगाकर आंदोलकारियों के मंसूबे पर पानी फेर दिया।
उत्तराखंड चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संगठन के आह्वान पर सोमवार को परेड ग्राउंड में आंदोलकारी जमा हुए।
मुख्यमंत्री आवास की ओर किया कूच
यहां से दोपहर 12 बजे करीब 60-70 आंदोलनकारियों ने रैली के रूप में मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। लैंसडोन चौक, दर्शनलाल चौक, घंटाघर, राजपुर रोड, गांधी पार्क, क्वालिटी चौक, एस्लेहॉल, यूकेलिप्टिस चौक, दिलाराम चौक होते हुए आंदोलकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े।
जैसे-जैसे आंदोलनकारियों का कारवां मुख्यमंत्री आवास के नजदीक पहुंचता गया, वैसे-वैसे आंदोलनकारियों की संख्या भी बढ़ने लगी।
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हाथीबड़कला बाजार होते हुए रैली जैसे ही पुलिस चौकी के करीब पहुंची आंदोलनकारियों की संख्या 450 से 500 के करीब पहुंच गई। पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर आंदोलनकारियों को रोक लिया।
मुख्यमंत्री आवास से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले रोके जाने से नाराज आंदोलनकारी बेरिकेडिंग के आगे ही धरने पर बैठ गए। वहीं कुछ आंदोलनकारी कृषि मंत्री हरक सिंह रावत को मौके पर लाने के लिए उनके आवास के लिए गए।
कृषि मंत्री के इंतजार में बैठे
देर शाम तक आंदोलकारी कृषि मंत्री के इंतजार में बेरिकेडिंग के समीप ही बैठे रहे। प्रदर्शन के दौरान चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संगठन, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच, कौशल्या संघर्ष वाहिनी, उत्तराखंड आंदोलनकारी संयोजक मंडल, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति, नेताजी संघर्ष समिति आदि के कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।
रैली में जितेंद्र चौहान, लक्ष्मी रावत, जबर सिंह पावेल, उषा भट्ट, सुलोचना भट्ट, प्रमिला रावत, रविंद्र प्रधान, प्रदीप कुकरेती, नवीन कुकरेती, नर्मदा नेगी, सतोष क्षेत्री, नंदन सिंह रावत, वेदप्रकाश शर्मा, जगमोहन नेगी, जयंती शाह आदि मौजूद थे।
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