देहरादून स्थित पीएचक्यू ने रैंकर भर्ती परीक्षा के लिए आर्म्ड फोर्स और सिविल पुलिस की उम्र सीमा 40 से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी है।
परीक्षा के लिए पात्र हैं ये
भर्ती के दौरान उस साल एक जनवरी को जिसकी उम्र 45 से कम होगी उसे इस परीक्षा के लिए पात्र माना जाएगा। डीजीपी बीएस सिद्धू की अध्यक्षता में पीएचक्यू में आयोजित पीईसी (पुलिस इस्टेब्लिशमेंट कमेटी) की बैठक में यह फैसला लिया गया।
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डीजीपी ने बताया कि आर्म्ड फोर्स में हेड कांस्टेबल से उप निरीक्षक और सिविल पुलिस में कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल से उप-निरीक्षक बनने के लिए आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित थी।
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इसके तहत परीक्षा वर्ष में 30 जून को प्रतिभागी की उम्र 40 होनी चाहिए थी। अब रैंकर परीक्षा में आयु सीमा पांच साल बढ़ा दी गई है। यह कट-ऑफ-डेट दोनों के लिए ही एक जनवरी होगी।
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रैंकर परीक्षा में सिविल पुलिस के लिए फिजीकल टेस्ट नहीं है, जबकि लिखित परीक्षा आर्म्ड व सिविल फोर्स कर्मियों दोनों के लिए अनिवार्य होगी।
डीजीपी ने बताया कि रैंकर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। बताया कि इससे लगभग 1400 कांस्टेबलों व हेड कांस्टेबलों को प्रमोशन के अवसर प्राप्त होंगे।
शारीरिक दक्षता परीक्षा भी हुई आसान
- पुरुष के लिए 05 किमी की दौड़ 30 मिनट में। पहले 10 किमी की दौड़ 75 मिनट में करना तय था।
- महिला अभ्यर्थियों को 03 किमी की दौड़ 21 मिनट में पूरी करनी होगी। पहले पांच किमी की दौड़ 45 मिनट में करने का प्रावधान था।
इंस्पेक्टर के लिए साक्षात्कार 22 को
वर्षों से दारोगा के पद पर नौकरी कर रहे पुलिसवालों का इंतजार भी खत्म हो गया है। पीएचक्यू ने उप-निरीक्षक से निरीक्षक के पद पर प्रमोशन देने के लिए साक्षात्कार की तारीख 22 जनवरी तय कर दी है।
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बताया गया है कि सिविल पुलिस में निरीक्षक के 12 पद रिक्त हैं। हर वह उप निरीक्षक इस साक्षात्कार में हिस्सा ले सकता है जिसकी सर्विस 10 वर्ष की हो चुकी है और सर्विस रिकॉर्ड में दाग नहीं है। यह भी देखा जाएगा कि किसी के खिलाफ कोई जांच या विभागीय कार्यवाही लंबित तो नहीं है।