दो बार केस दर्ज करने के आदेश देने के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं होने पर कप्तान साहब का पारा चढ़ा और उन्होंने जब मातहतों को डपटा तब कहीं जाकर आठ महीने बाद कोतवाली में केस दर्ज किया गया। कोतवाली पुलिस आठ महीने से पीड़ित मर्चेंट नेवी अधिकारी को चक्कर कटवा रही थी।
इसी साल मार्च महीने में आशुतोष विजन पुत्र एसआर विजन निवासी पार्क रोड ने पुलिस को तहरीर दी थी, जिसमें आशुतोष ने पुलिस को बताया कि अज्ञात लोगों ने धोखाधड़ी करके उनके बैंक खाते से पांच लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए। उस दौरान पुलिस ने संबंधित बैंक से संपर्क करने की बात कहकर आशुतोष को टरका दिया।
एसओजी को दिए जांच के दिए निर्देश
इधर आशुतोष बैंक अधिकारियों से लेकर पुलिस अफसरों के चक्कर काटते रहे। लेकिन कुछ नहीं हुआ तो आशुतोष और इनके पिता ने इसकी शिकायत एसएसपी से की। एसएसपी ने एसओजी को जांच के निर्देश दिए। एसओजी ने जांच के बाद रिपोर्ट दी कि आरोप सही है। इस पर एसएसपी ने डालनवाला कोतवाली को केस दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
डालनवाला ने आशुतोष को अपने क्षेत्र का मामला नहीं बताकर टरका दिया। बात फिर एसएसपी तक पहुंची तो उन्होंने आशुतोष को सीओ सिटी मनोज कत्याल के पास भेजा। यहां भी समय लगा। जब तीसरी बार आशुतोष अपनी आठ महीने पुरानी शिकायत लेकर पहुंचे तो एसएसपी ने मातहतों को फटकार लगाते हुए कोतवाली में केस दर्ज कर पांच दिन में रिपोर्ट तलब की है। आशुतोष मर्चेंट नेवी में चीफ अफसर हैं, जबकि इनके पिता स्टेट बैंक से चीफ मैनेजर पद से रिटायर्ड हैं।