रुद्रप्रयाग जिले के एक गांव में 19 सितंबर को गुलदार के हमले में मारी गई वृद्धा का सिर घर से कुछ दूर बरामद हुआ है। राजस्व पुलिस ने सिर का पोस्टमार्टम करा दिया है। राजस्व पुलिस प्रथम दृष्टया इसे जानवर के हमले से सिर अलग होना ही मान रही है।
वहीं वन विभाग का कहना है कि जब परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया, तो कैसे मान लिया जाए कि गुलदार ने ही वृद्धा का शिकार किया होगा। तब परिजनों ने वृद्धा का पोस्टमार्टम कराए बिना दाह संस्कार कर दिया था। अब सिर बरामद होने के बाद वृद्धा की मौत को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं।
मौत पर उठे थे सवाल
19 सितंबर की सुबह तहसील ऊखीमठ को डांगी गांव में गुलदार ने स्व. सैन सिंह की पत्नी जसमति देवी को मार डालने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों को घर से करीब 200 मीटर दूर वृद्धा का बिना सिर का शव मिला था।
वन और राजस्व विभाग की टीम के गांव पहुंचने से पहले ही परिजनों ने वृद्धा की अंत्येष्टि कर दी। अब बुधवार को ग्रामीणों ने घर से करीब 50 मीटर दूर वृद्धा का सिर मिलने की सूचना दी। जिसके बाद वन विभाग और राजस्व विभाग के कर्मी पुन: गांव में पहुंचे।
सिर का कराया पोस्टमार्टम
उप प्रभागीय वनाधिकारी सोहन लाल ने बताया कि मौके पर टीम भेजी गई थी, ताकि यह देखा जा सके कि वृद्धा जानवर के हमले में मारी गई या अन्य किसी वजह से। सिर का मांस काफी गल चुका था। ऐसे में इसका अंदाजा नहीं लग सका।
इधर, एसडीएम यूएस चौहान ने बताया कि सिर देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी जानवर ने खाया हो। पुष्टि के लिए सिर का पोस्टमार्टम कराया गया है। अभी रिपोर्ट नहीं मिली है।