इस संबंध में सूचना एवं लोक जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक रवि बिजानिया की ओर से कैंट थाने में तहरीर दी गई थी। तहरीर में आरोप है कि वेब पोर्टल ने अडाणी और मुख्यमंत्री के बीच हो रही वार्ता का गलत अर्थ प्रदर्शित किया है। इससे न सिर्फ सरकार की छवि धूमिल हुई है बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास को भी कमजोर करने का प्रयास किया गया है। सहायक निदेशक की तहरीर पर ही आईपीसी 469 (ख्याति को नुकसान पहुंचाने के लिए कूटरचना) और 65 आईटी एक्ट (कंप्यूटर संशाधनों से छेड़छाड़ की कोशिश) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बता दें कि पहले एक वेब पोर्टल और फिर सोशल मीडिया पर पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व कई उच्चाधिकारियों के साथ उद्योगपति गौतम अडाणी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अडाणी इन्वेस्टर्स समिट और राज्य के विभिन्न प्रोजेक्ट की आलोचना करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कैमरे का फोकस काफी दूर है और आवाज साफ नहीं है। इसे समझाने के लिए हिंदी में स्क्रोल भी चलाया जा रहा है।