टिहरी संसदीय क्षेत्र के मैदानी हिस्सों में हुए भारी मतदान भाजपा कांग्रेस के जोरदार प्रचार का नतीजा है। 5 मैदानी विधानसभा क्षेत्रों में 70 फीसदी मतदान से लग रहा है कि एक बार फिर मामला करीबी रहेगा।
कांग्रेस मैदान में पड़ने वाले भारी मतदान से उत्साहित दिख रही है तो भाजपा इसे एक बार फिर अपने पक्ष में मान कर चल रही है। वहीं पहाड़ों में आपदा के मुद्दे पर जनता की नाराजगी का फायदा भाजपा को मिल सकता है।
मुस्लिम दलित बहुल क्षेत्रों में मतदाता का निकलना समीकरणों में उलट फेर कर सकता है।
तीन जिलों की 14 विधानसभी सीटें
टिहरी संसदीय क्षेत्र में टिहरी, देहरादून और उत्तरकाशी जनपद की 14 विधानसभा सीटें हैं। टिहरी जनपद की चार विधानसभाओं प्रतापनगर, घनसाली, टिहरी और घनौल्टी संसदीय क्षेत्र में आती हैं, जहां अन्य क्षेत्रों के अपेक्षाकृत कम मतदान हुआ।
2012 विधानसभा चुनाव और टिहरी संसदीय उपचुनाव में यहां मतदान कम रहा। इन सभी सीटों पर मतदान फीसदी कम रहा, जिसमें कांग्रेस भाजपा के मुकाबले आगे रही थी।
संसदीय सीट के उत्तरकाशी जनपद की तीन और देहरादून जनपद की 7 विधानसभाओं में मतदान अधिक हुआ है। उत्तरकाशी की तीन विधानसभाओं गंगोत्री, यमनोत्री और पुरोला में लगभग 63 फीसदी मतदान हुआ है।
फिर भी विधानसभा से कम मतदान
विधानसभा चुनाव 2012 के सापेक्ष यह आंकड़ा कम रहा है। तीनों विधानसभा सीटों पर 73 फीसदी मतदान हुआ, लेकिन लोकसभा चुनाव में यह मत फीसदी अच्छा माना जा रहा है।
उत्तरकाशी में आपदा लंबे समय से समस्या बनी हुई है, जिसको लेकर जनता की नाराजगी भी दिखाई दी। 2010 से लगातार इस क्षेत्र में आपदा का असर रहा है।
भाजपा और आम आदमी पार्टी ने यहां आपदा पुनर्निर्माण एवं पुनर्वास को एक बड़ा मुद्दा बनाया था, जबकि कांग्रेस यहां ओबीसी कार्ड के भरोसे है।
इस विधानसभा ने बढ़ाई कांग्रेस की चिंता
चकराता विधानसभा में शाम 6 बजे तक लगभग 52 फीसदी मतदान कांग्रेस की चिंताएं बढ़ा रहा है। इस विधानसभा से कांग्रेस हमेशा मजबूत बढ़त लेती रही है।
यहां मतदान में हुई कमी भाजपा के लिए जरूर राहत भरी है। देहरादून जनपद के विकासनगर और सहसपुर में 70 फीसदी से अधिक मतदान हुआ है। यहां पर लगभग 20 से 25 फीसदी मुस्लिम मतदाता है। मुस्लिम मतदाता को कांग्रेस से जोड़ कर देखा जा रहा है, हालांकि आम आदमी पार्टी और रालोद भी मुस्लिम मतदाताओं में सेंध मार सकते हैं।
मसूरी, रायपुर, दून कैंट और राजपुर विधानसभा में लगभग 65 फीसदी मतदान रहा है। टिहरी संसदीय उपचुनाव 2012 में इन चारों विधानसभाओं में भाजपा को बढ़त रही है।