गुंजन की मौत के बाद कई घंटे की भूख से बिलख रहे बच्चे को देखकर महिला पुलिस की ममता इस कदर जाग उठी कि वह खुद को रोक नहीं सकी।
बता दें कि कुछ दिन पहले गुंजन ने बैड के ऊपर कुर्सी रखकर पंखे से फंदा बनाकर अपनी जान दे दी थी। शुक्रवार को पुलिस गुंजन की मौत की बारे में पूछताछ करने पहुंची तो एक महिला सिपाही देवकी से भूख से बिलखते बच्चे को देखा न गया।
देवकी ने वहां मौजूद महिलाओं के सामने बच्ची को दूध पिलाने के लिए पूछ डाला। इस पर गुंजन के मायके वालों के हामी भर दी। जिससे नवजात का रोना बंद हो गया।
हल्द्वानी की रहने वाली गुंजन ने पांच साल पहले की थी लव मैरिज
गुंजन के दो बेटे हैं
- फोटो : अमर उजाला
थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने बताया कि पांच साल पहले महानगर के सिटी चौक के समीप स्थित स्टैंडर्ड स्वीट हाउस में मैनेजर के पद पर काम करने वाले गोपाल से गुंजन ने शादी की थी।
बताया कि गुंजन भी वहीं कैशियर थी। दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग हुआ और 24 फरवरी 2012 को दोनों ने शीतलादेवी मंदिर में शादी कर ली।
शादी के बाद गुंजन के दो बेटे हैं। एक साढ़े चार साल का है तो दूसरा मजह 16 दिन का है। 16 दिन के मासूम बच्चे का अभी नामकरण भी नहीं हुआ है। गोपाल ने बताया कि नामकरण को तिथि के दिन श्राद्ध का महीना होने से टाल दिया गया। नवरात्र पर नवमी के दिन दंपती की बेटे का नामकरण करने की योजना थी। जिसके लिए गोपाल तैयारियों में जुटा हुआ था।
गोपाल गुंजन के साथ मारपीट भी करता था।
पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है।
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गुंजन की खुदकशी में पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। वहीं गुंजन के मायके के लोग गोपाल के कई युवतियों से संबंध होने आरोप लगा रहे हैं। आरोप है कि जिस कारण दोनों में अक्सर झगड़ा होता था। आरोप है कि पति गोपाल गुंजन के साथ मारपीट भी करता था।
गुंजन के जीजा अजीत सिंह व मौसेरे भाई रवि का कहना था कि प्रेम विवाह करने के बावजूद गोपाल दूसरी युवतियों से संबंध रखता था और उनसे फोन पर बात करता था। अपने गुनाह छिपाने के लिए अक्सर मारपीट कर गुंजन का मुंह बंद करा देता था।
थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने बताया कि गुंजन के मायके वालों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। हालांकि पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। गोपाल के मोबाइल नंबर लेकर कॉल रिकार्ड निकालकर उससे बात करने वालों का पता लगाया जाएगा।
कुर्सी रखकर पंखे से फंदा बनाया
बैड के ऊपर कुर्सी रखकर पंखे से फंदा बनाया
गुंजन ने बैड के ऊपर कुर्सी रखकर पंखे से फंदा बनाया था। थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी ने बताया कि नायब तहसीलदार के पहुंचने पर शव फंदे से उतारा गया। पूरे कमरे की फोटोग्राफी भी करवाई गई है।
गुंजन तीन बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी सबसे बड़ी बहन कुमकुम व दूसरे नंबर की तन्नू है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि गुंजन के माता-पिता की मृत्यु काफी साल पहले हो चुकी है।
तब तीनों बहनें काफी छोटी थीं। उनकी मृत्यु के बाद चौपला, दमुवाढूंगा में रहने वाली मौसी रानी ने ही तीनों बहनों को पाला था। उन्हीं ने गुंजन का विवाह भी कराया था।