हाईकोर्ट के आदेश के बाद आखिर जिला प्रशासन हरकत में आ गया और गंगा से पांच किलोमीटर के दायरे में चल रहे 43 स्टोन क्रशरों को सील कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्टोन क्रशर मालिकों में हड़कंप मचा रहा।
मालूम हो कि मातृ सदन ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि तीन मई 2017 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हरिद्वार में गंगा से पांच किलोमीटर के दायरे मे लगे स्टोन क्रशरों और खनन पर रोक लगाने के आदेश दिए थे।
मुख्य सचिव से इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया था, लेकिन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इस आदेश का पालन मुख्य सचिव की ओर से नहीं किया गया। आदेश का पालन नहीं होने पर मातृ सदन ने अवमानना याचिका दायर की थी।