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हरिद्वार: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद हरकत में आया जिला प्रशासन, 43 स्टोन क्रशर सील 

Sat, 26 Aug 2017 12:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद आखिर जिला प्रशासन हरकत में आ गया और गंगा से पांच किलोमीटर के दायरे में चल रहे 43 स्टोन क्रशरों को सील कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्टोन क्रशर मालिकों में हड़कंप मचा रहा। 
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मालूम हो कि मातृ सदन ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा था कि तीन मई 2017 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हरिद्वार में गंगा से पांच किलोमीटर के दायरे मे लगे स्टोन क्रशरों और खनन पर रोक लगाने के आदेश दिए थे।

मुख्य सचिव से इस आदेश का पालन  सुनिश्चित कराने को कहा गया था, लेकिन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इस आदेश का पालन मुख्य सचिव की ओर से नहीं किया गया। आदेश का पालन नहीं होने पर मातृ सदन ने अवमानना याचिका दायर की थी। 
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अनाधिकृत रूप से चल रहे थे स्टोन क्रशर

इस पर हाइकोर्ट ने मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया था। बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया की एकलपीठ के समक्ष हुई। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के आदेश का पालन करने या न करने संबंधी रिपोर्ट 24 घंटे में पेश करें।

शुक्रवार को जिलाधिकारी दीपक रावत के निर्देश पर हरिद्वार से भोगपुर तक यह स्टोन क्रशरों को सील करने का अभियान चलाया गया। इसके लिए पांच टीमें बनाई गई थी। जिनका नेतृत्व एसडीएम मनीष कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी संगीता कन्नौजिया, तहसीलदार सुनैना राणा और दो नायब तहसीलदार कर रहे थे।

देर शाम तक चली इस कार्रवाई से स्टोन क्रशर संचालकों में हड़कंप मचा रहा। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के आदेश का अनुपालन करते हुए 43 स्टोन क्रशरों को सील कर दिया गया है।  वहीं दूसरी ओर मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जिस तरह से प्रशासन ने कार्रवाई की है। वह अपने आप में इस बात को साबित कर रहा है कि अभी तक प्रशासन खुद ही अनाधिकृत रूप से चल रहे स्टोन क्रशरों और अवैध खनन को बढ़ावा देने वाले को संरक्षण दे रहा था।
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