करीब एक महीने बाद श्रद्धालुओं को रविवार से हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर गंगाजी के दर्शन हो सकेंगे। श्रद्घालु रविवार को गंगा में डुबकी लगा सकेंगे। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने शनिवार रात को पानी छोड़ दिया।
वैसे तो पानी शुक्रवार रात को ही छोड़ दिया गया था लेकिन ज्वालापुर में निर्माणाधीन पुल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण 500 क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा सका था। अब शनिवार रात में पानी सुचारु रूप से छोड़ा जाएगा। वार्षिक बंदी के अंतर्गत गंगनहर में गत 23 अक्तूबर की रात में भागीरथी बिंदु से पानी बंद कर दिया गया था।
इस बार अर्द्घकुंभ के लिए निर्माण कार्य भी कराए जा रहे हैं। गंगा में पानी नहीं छोड़े जाने के कारण हरकी पैड़ी और ब्रह्मकुंड में पानी नहीं आने के कारण श्रद्घालुओं को गंगा स्नान करने का मौका नहीं मिल पा रहा था। गंगा बंदी की अवधि समाप्त होने के कारण अब पानी छोड़ दिया जाएगा और रविवार को हरकी पैड़ी पर डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं को पूरा पानी मिलेगा।
वैसे गंगा बंदी की अवधि 20 नवंबर की रात में ही समाप्त हो गई थी और मेला प्रशासन के आग्रह के बाद भी सिंचाई विभाग यूपी के अधिकारी इस अवधि को दो दिन और बढ़ाने को राजी नहीं हुए थे।
उत्तरी खंड गंगनहर हैडवर्क्स के सहायक अभियंता सुशील यादव ने बताया कि शुक्रवार की रात में पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया था, लेकिन तभी ज्वालापुर में पीडब्ल्यूडी का पुल गिरने की सूचना आई।
इसलिए 500 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया था लेकिन रविवार को श्रद्घालुओं को हरकी पैड़ी पर डुबकी लगाने के लिए पर्याप्त गंगाजल मिलेगा।