प्रसव के बाद ऑपरेशन के दौरान महिला डॉक्टर ने टांके लगाए। इस दौरान सुई टूटकर उनके गर्भाश्य में रह गई और धीरे-धीरे खिसककर जांघों के बीच में आ गई।
इस कारण उन्हें संक्रमण हो गया। उसने कई टेस्ट और लंबा इलाज कराया, चार मई 2018 को एक्सरे कराने पर जांघ में धंसी टूटी सुई दिखाई दी।
पीड़िता ने डॉक्टर के खिलाफ दस लाख रुपये क्षतिपूर्ति का वाद दायर किया है। लोक अदालत के अध्यक्ष पंकज तोमर और सदस्य उमेश जोशी एवं सुभाषनी द्विवेदी ने संबंधित महिला डॉक्टर को नोटिस भेजकर 16 अगस्त को प्रति दावा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।