भारतीय अनुसंधान संस्थान परिसर स्थित इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकैडमी के तीन ट्रेनी आईएफएस अफसरों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाए जाने के बाद जिला प्रशासन की ओर से लागू किए गए 28 दिन के लॉकडाउन को फिलहाल शुक्रवार को खत्म कर दिया गया ।
जिलाधिकारी की ओर से आदेश जारी होने के साथ ही संस्थान निदेशक के आदेश पर फिलहाल एफआरआई के एक गेट का ताला खोल दिया गया। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से आदेश जारी होने के बावजूद संस्थान अधिकारी पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। एफआरआई निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से 28 दिन क्वारन्टीन समाप्त होने को लेकर आदेश बेशक जारी कर दिया गया है लेकिन इसके बावजूद बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। निदेशक रावत ने बताया कि कोरोना वायरस के मद्देनजर केंद्र व राज्यद सरकार की ओर से तीन मई तक जो लॉकडाउन लागू किया गया है उसे पूरी तरह पालन कराया जाएगा । संस्थान का एक गेट सुबह सात से लेकर एक बजे तक खुला रहेगा उसके बाद तालाबंदी कर दी जाएगी।
बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। संस्थान परिसर में रहने वाले अधिकारी, वैज्ञानिक और कर्मचारी जरूरी सामानों के लिए विशेष परिस्थितियों में बाहर जा सकेंगे। जिला प्रशासन की ओर से क्वारन्टीन अवधि समाप्त होने के बाद आदेश जारी होने के साथ ही संस्थान परिसर में रहने वाले वैज्ञानिकों , अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
बता दें कि एफआरआई परिसर स्थित इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकैडमी, इंडियन काउंसिल आफ फॉरेस्ट रिसर्च एंड एजुकेशन यानी आईसीएफआरई समेत कई संस्थानों के हजारों वैज्ञानिक, अधिकारी और कर्मचारी पिछले 28 दिनों से पूरी तरह कैद में थे जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक एफआरआई के सभी गेट पर तालाबंदी किए और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाए जाने से परिसर में रहने वाले अधिकारियों , वैज्ञानिकों, कर्मचारियों को तमाम तरह की दिक्कतें हो रही थी।