दून नगर निगम के चुनाव में भगवा बुलंद करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आज खुद मोर्चे पर उतरेंगे। पार्टी ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक बैठक बुलाई है, जिसमें दून नगर निगम के सभी पूर्व पार्षदों और पार्षद पद के उम्मीदवारों को बुलाया गया है। इस बैठक में मुख्यमंत्री पार्टी नेताओं से एकजुटता और पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने का आह्वान करेंगे।
देहरादून नगर निगम पर पिछले 10 साल से भाजपा का ही कब्जा है। इस बार भी उसके सामने निगम की सत्ता पर कब्जा बनाए रखने की चुनौती है। इस चुनौती के साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की प्रतिष्ठा भी जुड़ी है। मेयर पद के उम्मीदवार सुनील उनियाल गामा को उनकी पसंद माना जा रहा है। लिहाजा सियासी हलकों में ये चर्चा आम है कि गामा को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री के कंधों पर आ गई है।
बहरहाल, पार्टी नेतृत्व दून नगर निगम के चुनाव को लेकर बहुत ज्यादा गंभीर है। उसकी गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री को केवल देहरादून नगर निगम के चुनाव की रणनीति बनाने के लिए अलग से बैठक बुलानी पड़ रही है। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, प्रदेश महामंत्री संगठन संजय कुमार, प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल समेत सभी प्रमुख पदाधिकारी, पार्टी विधायक व वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। बैठक में 100 वार्डों में उतारे गए सभी प्रत्याशियों को बुलाया गया है। उनके अलावा पिछले चुनाव में निर्वाचित हुए पार्षदों को भी आमंत्रित किया गया है। शाम करीब पांच बजे से रखी गई, इस बैठक में मुख्यमंत्री उनसे सीधा संवाद करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में डैमेज कंट्रोल को लेकर भी रणनीति बनेगी। जिन वार्डों में पार्टी बगावत का सामना कर रही है, वहां उससे निपटने के उपाय तलाशे जाएंगे।
पर्चे और बैनर में मेयर और अध्यक्ष का फोटो जरूरी
भाजपा नेतृत्व ने निकाय चुनाव में उतारे गए उम्मीदवारों को साफ कर दिया है कि वे अपनी प्रचार सामग्री में मेयर अथवा अध्यक्ष का फोटो और नाम का जिक्र अनिवार्य रूप से करेंगे। नगर निगम क्षेत्र में पार्षदों को अपने घोषणा पत्र, पर्चों, बैनर व पोस्टरों में अपने चित्र के साथ मेयर का फोटो भी चस्पा करना होगा।