- एक आरोपी की हो चुकी है मौत
- जुर्माना न भरने पर एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास
कोर्ट रूम से
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट नंदन सिंह की अदालत ने चरस तस्करी के 12 वर्ष पुराने मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर तीनों दोषियों को एक साल का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भी भुगतनी होगी। मामले में एक सह आरोपी की मौत हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार 23 दिसंबर 2012 को तत्कालीन सहसपुर थाना प्रभारी सूर्यभूषण नेगी को मुखबिर से एक कार से चरस तस्करी की सूचना मिली थी। थाना प्रभारी और उनकी टीम ने कार से भारी मात्रा में चरस बरामद की थी। कार सवार हिमाचल प्रदेश जिला सिरमौर थाना पांवटा निवासी कैलाश चड्डा के पास से 2.5 किलोग्राम, जिला शिमला, थाना चोफाल निवासी मेहर सिंह के पास से 2.110 किलोग्राम, जिला सिरमौर माजरा पांवटा अब्दुल जाहिद के पास से 1.78 किलोग्राम और जिला सिरमौर के देवीनगर पांवटा निवासी संजीव कुमार के पास से 1.62 किलोग्राम चरस मिली थी। पुलिस ने चारों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद न्यायालय में एफएसएल रिपोर्ट और आरोप पत्र दाखिल किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी नरेश चंद्र बहुगुणा ने 13 में से छह गवाह न्यायालय के समक्ष पेश किए। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट नंदन सिंह की अदालत ने कैलाश चड्ढा, मेहर सिंह और अब्दुल जाहिद को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर तीनों आरोपियों को एक-एक साल के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। एडीजीसी ने बताया कि अपराधी संजीव कुमार की पूर्व में मौत हो गई थी।