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पहले खाओ कसम तब होगा भुगतान

Fri, 20 Dec 2013 08:12 PM IST
अमर उजाला, पौड़ी
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‘मैं भुगतान लेने पर किसी को रिश्वत नहीं दूंगा। यदि किसी ने मुझसे रिश्वत मांगी, तो मैं उसका नाम उजागर करूंगा’। ठेकेदारों को यह शपथ पत्र नगर पालिका, पौड़ी को किसी भी प्रकार के भुगतान लेने से पूर्व देना होगा।
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पालिका ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए नया फार्मूला अपनाया है। इसके तहत पालिका से किसी भी प्रकार का भुगतान लेने वाले व्यक्ति को 100 रुपये के स्टांप पेपर में रिश्वत नहीं देने का शपथ पत्र देना होगा।

आज से ही लागू
पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम ने बताया कि यह व्यवस्था आज से ही लागू कर दी गई है। बेनाम ने बताया 100 रुपये के स्टांप में दिए जाने वाले शपथ अन्य स्टांपों की तरह नोटरी तैयार कराना होगा। उन्होंने बताया कि ठेकेदारों को अपने कार्य की हर पेमेंट को लेते वक्त यह देना होगा।
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पालिका कर्मियों को एक बार शपथ पत्र देना होगा। बाद में इसे रिन्यूवल किया जाएगा। पालिका प्रतिनिधियों को भी किसी तरह का भुगतान लेने पर पहले शपथ पत्र देना होगा।

नमक-लोटे की शपथ
भ्रष्टाचार के खिलाफ मौजूदा लड़ाई नई नहीं है। नगर पालिकाओं में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए कई पालिकाओं में अध्यक्ष पहले भी आगे आए हैं। उनके प्रयोग कुछ हद तक सफल भी रहे।

उत्तरकाशी में नब्बे के दशक में कमला राम नौटियाल पालिकाध्यक्ष रहे। उन्होंने पालिका में फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए ठेकेदारों से नमक-लोटा लेकर शपथ करवाई थी। धारणा है कि नमक लोटे की झूठी कसम खाने वाला व्यक्ति नमक की तरह गल-गल कर मरता है। ऐसे में कोई झूठी शपथ लेने की हिम्मत नहीं करता है।

डर के मारे वापस ली रिश्वत
इसका प्रभाव रहा कि तब कई ठेकेदारों ने तत्कालीन अधिकारियों-कर्मचरियों से रिश्वत वापस ली। उसके बाद ही नौटियाल ने उन्हें भुगतान किया। उन्होंने तब साफ आदेश दिए थे कि कोई भी ठेकेदार किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को रिश्वत नहीं देगा।

नौटियाल ने नगर के विकास के लिए लोगों से चंदा देने का आह्वान किया। इसके लिए पालिकाध्यक्ष के नाम से फंड बनाया गया। जिससे पालिकाध्यक्ष के वाहन और उसके ड्राइवर का वेतन के साथ ही जरूरतमंदों को मदद भी दी जाती थी।
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