बंगलुरू के सतीश गोपालकृष्ण और उनकी पत्नी सावेरा डिसूजा देहरादून से आयोजित होने वाली एडवेंचर रैली में भाग लेने के लिए देहरादून आ रहे हैं।
हालांकि इनका सफर 21 दिसंबर को आयोजित होने वाली एडवेंचर रैली से पहले ही मंगलवार से शुरु हो गई है।
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जी, हां यह विवाहित जोड़ा अपनी कार से 850 किमी. की दूरी तय कर बंगलुरु से देहरादून पहुंचेगा। इससे पहले इस जोड़े ने चार साल पहले प्रोफेशनल रैली में भाग लिया था।
रोड ट्रिप से गहरा लगाव
यह जोड़ा विभिन्न रैलियों में भाग ले चुका है। जिसमें से दक्षिण डेयर (2011) व डेजर्ट स्टोर्म (2012) में ये विजेता रहे हैं। सतीश और सावेरा को सड़क यात्राओं से गहरा लगाव रहा है।
ये दोनों अपनी ज्यादातर छुट्टियां सड़क यात्राओं पर ही गुजारते हैं। सतीश पेशे से फ्रीलांस सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। सतीश और उनकी पत्नी ने एक साल की रोड ट्रिप ट्रेनिंग भी ली है।
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2011 में दोनों ने पहली बार 'द डेजर्ट' रैली में भाग लिया। सतीश कहते हैं कि जब हमने उत्तराखंड में होने वाली इस रैली के बारे में सुना तो तुरंत रजिस्ट्रेशन करवाया। हम पहले कभी उत्तराखंड नहीं गए हैं।
25 साल बाद फिर से हो रही शुरु
देहरादून से शुरु होने वाली यह एडवेंचरस रैली 25 साल बाद फिर से उत्तराखंड में होने जा रही है। आने वाली 22 दिसंबर से दून में शुरू होकर तीन दिन बाद यह रैली मसूरी में संपन्न होगी। कुल एक हजार किलोमीटर के इस रोमांचक सफर के हिस्सेदार 70 प्रतिभागी होंगे।
देश भर के इन प्रतिभागियों की कुल 35 टीमें तैयार की गई हैं। अभी तक तय रूट के मुताबिक यह एडवेंचर कार रैली दून से देव प्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, नंदप्रयाग होते हुए औली के स्की रिजार्ट तक पहुंचेगी।
मसूरी में होगी खत्म
दूसरे दिन रैली औली से शुरू कर रामनगर की तरफ फर्राटा भरेगी। जहां इसका पड़ाव जिम कार्बेट नेशनल पार्क होगा। तीसरे दिन इस सोबर रैली की समाप्ति मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी पर होगी।
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आयोजकों की मानें तो इस रैली का मकसद राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश देना है कि इस पहाड़ी राज्य में जीवन एक बार फिर पटरी पर रफ्तार भर रहा है।
सड़कें बेहतर हैं और एक शानदार अवकाश आपको पुकार रहा है। उत्तराखंड के पर्यटन सचिव उमाकांत पंवार के अनुसार 22 से शुरू होने जा रही यह रैली शानदार होगी।
टाइम-स्पीड-डिस्टेंस फॉर्मेट रहेगा
कारों और एसयूवी के जरिए सफर पर निकलने वाली हर टीम में एक ड्राइवर और एक नेविगेटर रहेगा। ट्रैफिक बाधाओं से निजात पाने के लिए रैली टाइम-स्पीड-डिस्टेंस फार्मेट का पालन करेंगी। इससे प्रतियोगियों के पास यह सुविधा होगी कि वह भीड़ भरे इलाकों में गति को धीमी रखें।