- भूमि पर किया जा रहा था पक्के भवनों का निर्माण और चहारदीवारी
- ग्राम प्रधान ने सीएम हेल्पलाइन पर की थी अवैध निर्माण की शिकायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। तहसील प्रशाासन की टीम ने झाझरा में ग्राम समाज की भूमि पर हुए अवैध निर्माण को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। टीम के पहुंचने से पहले अतिक्रमणकारी मौके से फरार हो गए। भूमि पर 15 स्थानों पर भवनों और चहारदीवारी का निर्माण किया जा रहा था। जबकि, वर्ष 2018 में तत्कालीन एसडीएम ने खसरा नंबर 1156 के क्रय-विक्रय और दाखिल खारिज पर रोक लगाई थी। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि भूमि किस के द्वारा बेची गई थी।
शासन के आदेश पर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करने के लिए जिलेभर में अभियान चलाया जा रहा है। झाझरा की ग्राम प्रधान पिंकी देवी ने सीएम हेल्पलाइन पर ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा कर अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज करवाई थी। मंगलवार को एसडीएम विनोद कुमार के निर्देश पर नायब तहसीलदार ग्यारू दत्त जोशी प्रशासन व पुलिस टीम के साथ मौके पहुंचे। टीम के आने की खबर लगते ही अतिक्रमणकारी मौके से भाग गए। टीम ने एक-एक कर अवैध निर्माण को जेसीबी से तोड़ना शुरू कर दिया। करीब ढाई घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने सभी अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। मौके पर मिली निर्माण सामग्री को भी जब्त कर लिया गया है।
एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि खसरा नंबर 1156 पर करीब 15 स्थानों पर अवैध निर्माण और नींव भरान का कार्य किया जा रहा था। बताया कि कब्जों को ध्वस्त कर भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। बताया कि भूमि किस व्यक्ति के द्वारा बेची गई थी, इसकी भी जांच की जा रही है।
भूमाफिया लंबे समय से सरकारी भूमि को कर रहे खुर्द-बुर्द
झाझरा क्षेत्र पहले से भूमाफियाओं के निशाने पर रहा है। यहां बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि को खुर्द-बुर्द कर सरकार को चूना लगाकर अपनी जेब भरने का खेल चल रहा है। वर्ष 2018 में विकासनगर के तत्कालीन एसडीएम जितेंद्र कुमार ने झाझरा में ग्राम समाज, जंगल झाड़ी और टोंस नदी के आसपास निरीक्षण और जांच के बाद 10 खसरों की खरीद फरोख्त और दाखिल खारिज पर रोक लगा दी थी। एसडीएम ने फसली वर्ष 1417 से 1422 के खाता संख्या 840, 844, 353, 841 व 32 पर अंकित खसरा नंबर 1156ख, 1156ग, 1156घ, 1156ड, 1156ज के क्रय विक्रय, विनिमय और दाखिल खारिज पर रोक लगाई थी। लेकिन, उसके बाद भी भूमि को बेचने और अवैध निर्माण का सिलसिला चलता रहा। जिस भूमि से प्रशासन ने कब्जा हटाया, वह खसरा नंबर 1156 है।