देहरादून से हरिद्वार के बीच राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के लिए निर्धारित 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज ट्रेन चलाने पर लोको पायलट और गार्ड पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं ट्रेनों के संचालन के बाबत लोको पायलट और गार्ड को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।
बता दें, पहले रेलवे बोर्ड के संरक्षा आयुक्त की ओर से हरिद्वार से देहरादून के बीच 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेन संचालित करने को लेकर आदेश जारी कर दिया था। इस पर राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक की ओर से विरोध दर्ज कराया गया था। इस बाबत टाइगर रिजर्व निदेशक डीके सिंह ने रेलवे के आला अधिकारियों को पत्र भी लिखा था। पत्र के अनुसार टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ट्रेनों की गति 35 किलोमीटर प्रति घंटे पर सहमति बनी थी। ऐसे में इस समझौते को कड़ाई से पालन कराया जाए। आखिरकार टाइगर रिजर्व निदेशक के अनुरोध पर रेलवे मंडल के आला अधिकारियों ने पत्र लिखकर आश्वासन दिया है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ट्रेनों की गति 35 किलोमीटर प्रति घंटा ही रहेगी। इस संबंध में संबंधित विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।