उल्लेखनीय है कि बुधवार और बृहस्पतिवार को आपातकालीन कक्ष में तैनात डॉक्टरों ने जहां एक मरीज को यह कहकर भर्ती करने से इनकार कर दिया था, कि अस्पताल में आईसीयू सिर्फ कोविड मरीजों के लिए आरक्षित हैं।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में मरीजों को उचित उपचार न देने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। डॉ. सयाना ने कहा कि लापरवाही किसी तरह से बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरोपी डॉक्टरों पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि बुधवार और बृहस्पतिवार को आपातकालीन कक्ष में तैनात डॉक्टरों ने जहां एक मरीज को यह कहकर भर्ती करने से इनकार कर दिया था, कि अस्पताल में आईसीयू सिर्फ कोविड मरीजों के लिए आरक्षित हैं। जबकि, उस दौरान आईसीयू में सिर्फ आठ मरीज भर्ती थे।
मजबूरन परिजनों को मरीज को निजी अस्पताल में ले जाना पड़ा था। इसी तरह, एक मजदूर की भी सामान्य स्थिति बताकर उन्हें घर जाने को कह दिया। हालत ठीक न होने पर मजदूर को निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इससे पूर्व में भी आपातकालीन कक्ष में तैनात डॉक्टरों पर मरीजों के प्रति लापरवाही और उनसे उचित व्यवहार न करने के आरोप लगते रहे हैं।
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शुक्रवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत की रिपोर्ट पर प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने एक कार्डियोलॉजिस्ट, एक ऑन कॉल फिजिशियन और एक इमरजेंसी मेडिकल अफसर से स्पष्टीकरण मांगा है।
डॉ. सयाना ने कहा कि कोरोना के नाम पर मरीजों के उपचार में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कहा कि कुछ डॉक्टरों और स्टाफ के इस तरह के कृत्य से रात दिन मेहनत में लगे अन्य डॉक्टरों व कर्मियों का मनोबल भी टूटता है।