जिला प्रशासन के नेतृत्व में शुक्रवार को डग्गामार बसों पर की गई कार्रवाई के अगले ही दिन यानी शनिवार को परिवहन निगम को दो लाख रुपये अतिरिक्त लाभ हुआ। दरअसल, आईएसबीटी के पास डग्गामार वाहनों पर राके के बाद यात्रियों ने परिवहन निगम की बसों में ही सफर किया। इसी का नतीजा रहा कि आमदनी में इजाफा हुआ।
शुक्रवार को जिला प्रशासन ने पुलिस और परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ आईएसबीटी और आसपास के क्षेत्र में डग्गामार बसों के खिलाफ अभियान चलाया था। जिसके तहत टीम ने 10 बसों को सीज भी किया था। प्रशासन की कार्रवाई के बाद शनिवार को एक भी डग्गामार बस नहीं चली, जिससे यात्रियों ने परिवहन निगम की बसों में ही सफर किया। परिवहन निगम के मंडलीय प्रबंधक संजय गुप्ता का कहना है कि आईएसबीटी व आसपास के इलाकों से डग्गामार बसों के संचालन के चलते निगम को हर साल औसतन 22 करोड़ रुपये का नुकसान होता है। अब जिस तरह से इन डग्गामार बसों पर रोक लगी है, इससे उम्मीद जताई जा रही है कि यह नुकसान कुछ हद तक कम जरूर होगा। जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन देने में भी आसानी होगी।