राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के ओपीडी भवन स्थित कोविड19 टीकाकरण केंद्र में टीका लगवाता व्यक्ति। अमर उज
दिव्यांगों और बुजुर्गों के नाम पर फर्जी जानकारी देकर टीका लगाने वाले लोगों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करेगा। ऐसे लोगों के खिलाफ महामारी अधिनियम भी कार्रवाई हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण केंद्र तक पहुंचने में असक्षम लोगों को घर पर जाकर कोरोना के टीके की खुराक लगा रहा है। इसके लिए वाट्सएप से आमजन से भी ऐसे लोगों के बारे में नाम पते के साथ जानकारी मंगाई जा रही है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग के पास इस तरह के प्रकरण आए हैं, जिनमें संदेह हुआ कि कुछ लोग दिव्यांगों और बुजुर्गों (जो टीकाकरण केंद्र तक आने में सक्षम नहीं हैं) के लिए चलाई गई इस योजना का लाभ उठाने के लिए गलत जानकारी दे रहे हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार पांडेय ने बताया कि गलत जानकारी देने और इस योजना का फर्जी तरीके से लाभ उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दूसरा टीका लगा नहीं, लेकिन एसएमएस आ गया
कोरोना टीकाकरण को लेकर कई बार भ्रम की स्थितियां भी बन रही हैं। विभाग इसे तकनीकि दिक्कत मानकर दुरुस्त करने की बात कह रहा है। चमन विहार लेन नंबर-सात निवासी अजय जैन ने बताया कि उनकी बेटी को कोवैक्सीन की दूसरी खुराक 21 अप्रैल को लगी थी। इस वक्त उनकी बेटी देहरादून में है, लेकिन उसके मोबाइल पर मैसेज आया कि उन्हें टीके की दूसरी खुराक लगा दी गई है। यहां तक कि को-विन एप में भी दोनों खुराक लगने का प्रमाणपत्र अपलोड दिखा रहा है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि कुछ तकनीकि दिक्कतें आ रही हैं, जिनके बारे में बताकर ऐसी समस्या को दूर किया जा रहा है।
आज 12 हजार लोगों को लगेंगे टीके
जिले में शुक्रवार को 12 हजार लोगों को टीके की दूसरी खुराक लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को कोविशील्ड या कोवैक्सीन किसी भी टीके की पहली खुराक आज भी नहीं लगेगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का जोर इस आयु वर्ग में टीके की दूसरी खुराक पर है।