अगर पैकेट का दूध पीने में हीक आए तो समझ लीजिए कि दूध में बैक्टीरिया पड़ गए हैं। दूध में खराबी आ रही है।
अगर खौलाने के बाद भी यह महक बनी रहे तो जान लीजिये बैक्टीरिया बहुत हैं। यह दूध नुकसान कर सकता है। खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के खाद्य विश्लेषक एसके कौशिक ने बताया कि नुकसानदेह बैक्टीरिया दूध में एक प्रकार का एसिड छोड़ते हैं। इस एसिड की वजह से दूध में दुर्गंध आने लगती है।
दूध के बासी होने पर ‘शत्रु’ बैक्टीरिया की संख्या बढ़ने लगती है। इससे दुर्गंध आना भी शुरु हो जाती है। कौशिक ने बताया कि ये बैक्टीरिया बड़ी संख्या में होते हैं। इनकी बहुत अधिकता होने पर भी दूध फट जाता है।
कौशिक ने यह भी स्पष्ट किया कि मित्र बैक्टीरिया के प्रभाव से भी दूध फटता है। लेकिन यह नुकसान नहीं करता फायदेमंद होता है। मित्र बैक्टीरिया के प्रभाव से दूध फटने पर लैक्टोज लैक्टिक एसिड में परिवर्तित हो जाता है।
दूध के संक्रमित होने की आशंका
दुर्गंध आना पहचान है कि दूध में शत्रु बैक्टीरिया पड़ गए हैं। दो-तीन दिन से अधिक पुराना होने पर दूध के संक्रमित होने की आशंका रहती है। अभिहीत अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) अनुज कुमार थपलियाल का कहना है कि जहां भी संदेह होता है दूध के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिया जाता है।
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