कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति योग व आयुर्वेद को सम्पूर्ण विश्व में पुन: स्थापित किया है। इससे करोड़ों को स्वास्थ्य लाभ हुआ है। स्वामी रामदेव ने यूएनएसडीजी की गतिविधियों के बारे में बताया। कहा कि संस्था समाजसेवी कार्यों में संलग्न है।
इनमें प्राइमरी हेल्थ केयर और यूनिवर्सल हेल्थ, गरीबी उन्मूलन, विश्व में शांति की स्थापना प्रमुख है। जेनेवा में स्वास्थ्य सम्मेलन वर्ल्ड हेल्थ फोरम की तरफ से हो रहा है। प्राइमरी हेल्थ केयर, नॉन कम्युनिकेबल डिजीज कंट्रोल और डिजिटल हेल्थ को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर वित्त पोषण इसका लक्ष्य है।
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि सम्मेलन में 50 देशों से लगभग 500 प्रतिभागी भाग लेंगे। इनमें कई देशों के स्वास्थ्य मंत्री, नीति निर्माता, उद्योग और सिविल सोसाइटीज के अध्यक्ष, सीईओ, वैज्ञानिकों समेत यूएनओ के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं।